जलती लकड़ी के अंगार को बड़े चाव से खाती है गाय

रामानुजगंज। नगर के चौपाटी में प्रतिदिन आने वाले लोग उस वक्त हैरत में पड़ गए जब एक गाय जलती लकड़ी के अंगारे को बड़े आराम से चाटने लगी। यही नहीं जलती हुई भट्टी में रखे कड़ाह को भी वह अपनी जीभ से चाटती रही। यह घटना एक दिन की नहीं बल्कि रोज की है। इसे देखने वाले लोग अचंभित हैं। नगर पंचायत के द्वारा चांदनी चौक और लारंगसाय चौक के बीच चौपाटी का निर्माण किया गया है जहां ठेला में रखे तरह-तरह के व्यंजन बेचे जाते हैं और वहां पर नगर सहित आसपास के क्षेत्र के लोग स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेने पहुंचते हैं। इसी जगह पर रानू नाम का व्यक्ति ठेला लगाकर चना बेचता है। इसके लिए वह बड़ी भट्टी भी जलाता है और उस पर कड़ाह को रखकर गर्म करता है। भ_ी के चारों तरफ लकड़ी से जलने वाली आग की लपटे निकलती रहती हैं। चना बेचने वाले रानू ने बताया कि उक्त गाय कोरोनाकाल के समय से प्रतिदिन शाम को यहां आ रही है। भट्टी में लगी जलती लकड़ी को अपने मुंह से खींच कर बाहर करती है और उसके अंगारों को खाती रहती है। जब इसे अंगारा नहीं मिलता है तो आग से लाल हुई कड़ाह को चाटती रहती है। हैरत की बात है कि उक्त गाय चौपाटी में तरह-तरह के बची खाद्य सामग्री को नहीं खाती है।

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