जांजगीर-चाम्पा। लॉकडाउन के दौरान लोगों की लगातार बढ़ रही परेशानियों को दूर करने कलेक्टर द्वारा नियमित बैठक लेकर जिले में सभी मूलभूत व्यवस्थाओं की जानकारी ली जा रही है, बाजवूद इसके स्थिति जस की है। यहां आवश्यक सामग्री के लिए राशन दुकान पहुंचे ग्राहकों को दुकान संचालकों द्वारा अधिक कीमत पर राशन दिया जा रहा है, बावजूद इसके खाद्य विभाग के अधिकारी शिकायत का इंतजार करने में जुटे हैं। बिलासपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार सहित अन्य जिलों के राशन दुकानों के लिए मूल्य सूची जारी कर दी गई है। ताकि ग्राहक ठगी का शिकार न हो सकें, मगर जिले में अधिकारी शिकायत का इंतजार कर रहे हैं।
कोरोना की रोकथाम व बचाव के लिए केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा लगातार लोगों से भीड़ इकठ्ठा नहीं करने की अपील की जा रही है। साथ ही लगातार प?ैल रहे संक्रमण की रोकथाम के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 24 मार्च से 14 अप्रैल तक लॉकडाउन करने का निर्देश जारी किया है। लॉकडाउन के चलते रेल, बस, ऑटो सहित अन्य आवश्यकत सेवाएं ठप है। वहीं शासन के निर्देश पर अति आवश्यक सामानों को छोड़ लगभग सभी दुकानों को बंद रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि दुकानों में भीड़ इकठ्ठा न हो सके और संक्रमण को प?ैलने से रोका जा सके। साथ ही प्रशासन द्वारा लोगों की बढ़ रही परेशानियों को दूर करने के लिए राशन दुकानों का संचालन दोपहर 12 से शाम 6 बजे तक किया जा रहा है, ताकि लोगों को राशन के लिए भटक न पड़े, मगर जिला मुख्यालय सहित अन्य नगरीय निकायों व ग्रामीण क्षेत्रों में दुकान संचालकों द्वारा लॉकडाउन के चलते आवक कम होने का हवाला देकर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर ग्राहकों को सामान दिया जा रहा है। प्रदेश में लगातार दुकान संचालकों के मनमाने रवैये को देख बिलासपुर, दुर्ग, रायपुर, बलौदाबाजार सहित अन्य अधिकांश जिलों में जिला प्रशासन द्वारा मामले की गंभीरता को देख सभी दुकानों के सामने सामानों का निर्धारित मूल्य सूची चस्पा करने का निर्देश दिया गया है, ताकि राशन दुकान पहुंचे ग्राहकों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े और उन्हें निर्धारित मूल्य पर सामान उपलब्ध हो सके, मगर जिले में लगातार प्रशासन की उदासीनता व दुकान संचालकों की मनमानी के चलते राशन दुकान पहुंचे ग्राहकों को निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत देकर सामान खरीदना पड़ रहा है। यहां लगातार लोगों द्वारा सामानों की मूल्य सूची जारी करने की मांग की जा रही है, बाजवूद इसके खाद्य विभाग की उदासीनता के चलते लॉकडाउन के लगभग सप्ताह भर बाद भी सूची जारी नहीं हो सकी। जबकि गल्ला किराना व्यवसायी संघ द्वारा रेट सूची दी जा चुकी है। वहीं खाद्य अधिकारी शिकायतों का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि इस संबंध में विभाग के अधिकारियों द्वारा शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने की बात भी कही जा रही है। यहां विभागीय उदासीनता का खामियाजा ग्राहकों को अधिक कीमत देकर भुगतना पड़ रहा है।
दुर्व्यवहार की शिकायत
लॉकडाउन के चलते शासन के निर्देश पर सभी राशन दुकानों को खोलने के लिए समय का निर्धारण किया गया है। यहां शासन के निर्देश पर दोपहर 12 से शाम 6 बजे तक किराना दुकानों का संचालन किया जाता है। इस दौरान सामान लेने ग्राहकों की भीड़ दुकानों में लगी रहती है। यहां सामान लेने पहुंचे ग्राहकों को अधिकांश दुकान संचालकों द्वारा निर्धारित मूल्य पर अधिक कीमत पर सामान बेचा जा रहा है। यहां ग्राहकों द्वारा इसका विरोध करने पर दुर्व्यवहार किया जाता है। यहां विभागीय उदासीनता के चलते ग्राहक भी शिकायत करने से कतरा रहे हैं।
बिना बिल के दिया जा रहा सामान
लॉकडाउन के दौरान सभी राशन दुकानों को खोले जाने के लिए समय निर्धारित किया गया है। यहां दुकान संचालकों को निर्धारित समय पर ही दुकान का संचालन किया जाना है, मगर इस दौरान राशन लेने पहुंचे ग्राहकों को अत्यधिक भीड़ व अन्य विभिन्न कारणों का हवाला देकर उन्हें बिना बिल के राशन दिया जा रहा है। वहीं अधिकारियों द्वारा शिकायत किए जाने के बाद भी दस्तावेज की भी मांग की जाती है, मगर दुकान संचालकों द्वारा ग्राहकों को बिना बिल के सामान दिया जा रहा है। ऐसे में यहां दुकान संचालकों की मनमानी का खामियाजा ग्राहकों को भुगतना पड़ रहा है।
शिकायत के बाद भी नहीं होती कार्रवाई
जिले में लगातार दुकान संचालकों के मनमाने रवैये से ग्राहक परेशान हैं। यहां लगातार उपभोक्ताओं द्वारा जिले में संचालित शासकीय उचित मूल्य सहित अन्य खाद्य पदार्थों के दुकानों के संचालकों के खिलाफ संबंधित अधिकारी से मौखिक व लिखित शिकायत की जाती रही, बावजूद इसके स्थिति जस की तस है। यहां लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के अन्य जिलों में उपभोक्ताओं की परेशानियों को दूर करने के लिए सभी दुकानों में राशन का मूल्य निर्धारित कर सूची दुकानों के सामने प्रकाशित किया गया है, मगर जिले में खाद्य अधिकारियों को अब भी शिकायत का इंतजार है। यहां अधिकारियों द्वारा सूची जारी करने के बजाए शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने का हवाला दिया जा रहा है।
सामानों की कीमत घट बढ़ रही है इसलिए रेट लिस्ट जारी नहीं की गई है। अगर कोई व्यवसायी अधिक कीमत लेता है तो शिकायत पर कार्रवाई होगी। पैक सामान में अगर एमआरपी से ज्यादा कीमत लिया जा रहा है तो संबंधित व्यवसायी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अमृत कुजूर, जिला खाद्य अधिकारी