जांजगीर-चाम्पा। कोरोना शुरू होने के बाद पहली बार गोंदिया-झारसुगुड़ा और बिलासपुर-रायगढ़, बिलासपुर-टिटलागढ़ शनिवार से पटरी पर उतरेंगी। रायगढ़ बिलासपुर मेमू 11 अप्रैल से शुरू होगी। रेलवे बोर्ड से इन ट्रेनों के परिचालन के लिए कई शर्तों के साथ चलाने की अनुमति मिली है। यह सारी ट्रेनें स्पेशल बनकर चलेंगी। चूंकि यह ट्रेनें स्पेशल बनकर चलेंगी, इसलिए यात्रियों को पहले 50 किमी की यात्रा के लिए न्यूनतम किराया 30 रुपए देना पड़ेगा। इसके बाद प्रत्येक 10 किमी पर 5 रुपए अतिरिक्त लगेंगे।
रूट के यात्रियों को चांपा से नैला, अकलतरा, कापन, जयरामनगर, गतौरा तक 30 रुपए किराया देना होगा। बिलासपुर के लिए 5 रुपए अतिरिक्त 35 रुपए किराया यात्रियों को देना होगा। इसी तरह डाउन लाइन पर सारागांव, बाराद्वार व झाराडीह तक शुरुआती 50 किमी पर 30 रुपए किराया देना होगा। इसके बाद राबर्ट्सन 35, भूपदेवपुर 40 और किरोड़ीमल व रायगढ़ के लिए 54 रुपए किराया देना होगा। रेलवे ने किलोमीटर के हिसाब से किराया तय कर दिया है। इसलिए इन सारी ट्रेनों के चलने से जनता की जेब पर भार पडऩा तय है। स्थानीय लोग इन ट्रेनों के परिचालन की मांग लगातार उठाते आ रहे हैं। जिसके बाद एसईसीआर जोन ने ट्रेन शुरू करने के लिए प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा था,जिस पर विचार करने के बाद कई शर्तों के साथ बोर्ड ने पैसेंजर और मेमू लोकल के परिचालन की अनुमति दी है।
साउथ बिहार अब रूट पर 7 जुलाई तक दौड़ेगी
रेल प्रशासन ने रूट के यात्रियों की सहुलियत को ध्यान में रखते हुए दुर्ग-राजेंद्र नगर के बीच चलने वाली साउथ बिहार एक्सप्रेस के परिचालन में विस्तार किया है। नए आदेश के अनुसार यह ट्रेन 7 जुलाई 2021 तक रूट पर स्पेशल बनाकर चलाई जाएगी। इससे पहले बोर्ड ने इसे सिर्फ 22 अप्रैल तक की अनुमति दी थी।
उदयपुर सिटी से शालीमार साप्ताहिक ट्रेन भी आज से
उदयपुर सिटी से शालीमार के बीच शुरू होने वाली साप्ताहिक शनिवार को अपना पहला फेरा लगाएगी। उदयपुर व शालीमार के बीच यह गाडी 09660 के साथ 10 अप्रैल से प्रत्येक शनिवार को उदयपुर सिटी से शालीमार के लिए रात एक बजे रवाना होगी। यह रात 10.36 बजे चांपा पहुंचेगी। वहीं गाडी 09659 के साथ 11 से प्रत्येक रविवार को शालीमार से उदयपुर सिटी के लिए रात 8.20 बजे रवाना होगी और सुबह 5.57 बजे चांपा पहुंचेगी।