कोरबा। स्वच्छता कर्मियों ने एसएलआर सेंटर के स्वच्छता कर्मी नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल के कार्यालय पहुंचे, उन्होंने मांग की जिन कर्मचारियों को नगर निगम के द्वारा 62 वर्ष की आयु बता कर कार्य से निकाला जा रहा है उन्हें निगम अभी ना निकाले, उन्हें कार्य करते 3 वर्ष भी नहीं हुए अपनी पीड़ा को लेकर एसएलआर सेंटर के सभी स्वच्छता मित्र नेता प्रतिपक्ष के पास पहुंचे एवं राहत हेतु गुहार की।
इसी प्रकार से निगम के अन्य सेंटर में भी कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है नेता प्रतिपक्ष हितानंद ने बताया की सभी कर्मचारी कार्य करने में सक्षम है और जब नगर निगम अन्य कर्मचारी नियमो का पालन नहीं करता है तो 62 वर्ष की आयु की बाध्यता क्यों,जब उनका पीएफ, ईएसआईसी, जमा नहीं किया जाता है उन्हें न्यूनतम वेतन नहीं दिया जाता है तब आयु की बाध्यता होना सार्थक नहीं लगता। वैसे भी अभी कोरोना काल के समय किसी को नौकरी से निकाला जाना अपराध है उन्होंने कहा कि एसएलआर सेंटर में शुरुआती दिनों में जब इस कार्य को करने के लिए कोई तैयार नहीं हो रहा था, तब इन लोगों ने आगे बढक़र स्वच्छता का जिम्मा संभाला था। वर्तमान समय में इस कार्य को करने वाले लोग बहुत से खड़े हो गए हैं लेकिन पुराने साथियों को हटाना गलत है नेता प्रतिपक्ष ने स्वछता अधिकारी सारस्वत से दूरभाष के माध्यम से बात की और इस विषय पर समाधान हेतु सार्थक पहल करने का अनुरोध किया उनके द्वारा आश्वासन दिया गया कि कोरोनावारियर्स, स्वछता मित्र किसी को कार्य से वंचित नहीं किया जाएगा। स्वच्छता कर्मियों को हटाने जाने पर सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सिकंदर उसरवर्षा ने भी आपत्ति जताई है और उन्हें काम पर वापस लिये जाने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।