
बतौली। लुंड्रा ब्लाक के ग्राम सिलसिला में स्थित एलुमिना हाइड्रेट फैक्ट्री में उत्पादन लक्ष्य की वृद्धि के दबाब से चार श्रमिकों की मौत हो गई। 10 दिन पहले तक भूसे से संचालित फैक्ट्री में अचानक कोयले का उपयोग शुरू कर दिया गया था। भार अधिक होने के कारण ही हापर के टूटने की जानकारी दी जा रही है, हालांकि कंपनी से जुड़े एक कर्मचारी ने अधिकारियों व विधायक प्रबोध मिंज के समक्ष दावा किया कि हापर की जितनी क्षमता है उसका आधा ही कोयला उपयोग में लाया गया था। ग्रामीणों के भारी विरोध के बीच सिलसिला में मां कुदरगढ़ी एलुमिना हाइड्रेट फैक्ट्री का संचालन शुरू किया गया था। बाक्साइट से एलुमिना हाइड्रेट बनाने वाली फैक्ट्री में भूसे का उपयोग किया जाता था। प्रतिदिन यहां से 30 से 35 हजार टन एलुमिना हाइड्रेट का उत्पादन किया जाता था। सूत्रों के अनुसार 10 दिन पहले प्रतिदिन यहां से एक लाख टन एलुमिना हाइड्रेट उत्पादन का लक्ष्य लेकर काम शुरू किया गया था। स्टीम प्रेशर के लिए भूसे के साथ अत्यधिक मात्रा में कोयला मिलाया जा रहा था लेकिन इसके लिए शायद हापर की क्षमता को ध्यान में नहीं रखा गया। इसका परिणाम यह हुआ कि कोयला लोड हापर टूटकर जमीन पर गिर गया। इससे चार श्रमिकों की मौत हो गई और एक श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गया। मां कुदरगढ़ी कंपनी द्वारा सिलसिला के साथ ही बतौली के चिरगा में भी एलुमिना हाइड्रेट फैक्ट्री संचालन के लिए निवेश किया गया था।
















