
भिवानी, १८ नवंबर ।
गांव बापोड़ा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सात नवंबर को महिला लेक्चरर की कुर्सी के नीचे विस्फोटक लगाकर धमाका करने वाले साइंस के 13 विद्यार्थियों को सात दिनों के लिए निष्कासित कर दिया गया है। इस मामले में बुधवार को गांव में पंचायत हुई। जिसमें विद्यार्थियों के अभिभावकों ने लिखित में माफी मांगी। वहीं विद्यार्थियों ने माफी मांगते हुए बताया कि मजाक के लिए यह विस्फोट किया था।जिला शिक्षा अधिकारी नरेश मेहता ने बताया कि इस संबंध में स्कूल प्रधानाचार्य को जांच के निर्देश दिए थे। मंगलवार को उन्होंने अपनी रिपोर्ट दी। इस संबंध में बुधवार को उन्होंने खुद जांच की। स्कूल में पंचायत और विद्यार्थियों के स्वजन पहुंचे, जिन्होंने लिखित में माफी मांगी। भविष्य में ऐसी घटना न दोहराने की बात भी कही है। स्कूल में पहुंचे अभिभावकों ने बताया कि घटना के बाद बच्चों ने घर पर दो-तीन दिन से खाना भी नहीं खाया। प्रधानाचार्य ने कक्षा में आकर पूछताछ की तो बच्चों ने माफी मांग ली और पूरी बात बताई।विद्यार्थियों ने इंटरनेट मीडिया पर बैटरी संचालित विस्फोटक बनाना सिखा था। इसके लिए लैपटॉप के सेल लिए और बाजार से सर्किट व रिमोट खरीदकर लाए थे। कक्षा में कुल 15 विद्यार्थी हैं, जिसमें से घटना वाले दिन 13 उपस्थित रहे, जबकि दो अनुपस्थित थे। इनमें एक विद्यार्थी ने विस्फोटक तैयार किया, दूसरे ने कुर्सी में लगाया और तीसरे ने रिमोट का बटन दबाकर धमाका कर दिया।
इस प्लान में सभी 13 विद्यार्थी शामिल थे।विद्यार्थियों ने बताया कि उन्होंने सिर्फ मजाक करने के लिए यह धमाका किया था। विस्फोटक की टाइमिंट दो से तीन मिनट की थी, लेकिन वह समय से जल्दी बज गया। वे चाहते थे कि टीचर जब कक्षा के गेट पर पहुंचे तब धमाका हो। लेकिन यह धमाका समय से पहले हो गया।मामला सात नवंबर सुबह करीब नौ बजे का है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बापोड़ा में कार्यरत महिला लेक्चरर नान मेडिकल कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को पढ़ा रही थी। महिला लेक्चरर प्लास्टिक की कुर्सी पर बैठी थी। जब वह कुर्सी से उठने लगी तो अचानक ही तेज धमाका हुआ।जिसके कारण वे सहम गई और उनकी साड़ी भी कुछ जगहों से जल गई।
मौके पर तीन सेल, सर्किट के जले हुए हिस्से मिले। जो कि टेप की सहायता से कुर्सी के नीचे लगाए हुए थे। इसे रिमोट से संचालन किया था। प्राचार्य ने मामले की जानकारी डायल 112 पुलिस को दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी और घटनास्थल की वीडियोग्राफी की।मामले की गहनता से जांच की। जांच में सामने आया कि कक्षा 12वीं नॉन मेडिकल के विद्यार्थियों ने मजाक के तौर पर यह बैटरी संचालित विस्फोटक पटाखा तैयार किया था। इस संबंध में बच्चों के भविष्य को देखते हुए सिर्फ एक सप्ताह के लिए स्कूल से निष्कासित कर दिया है। महिला लेक्चरर ने उन्हें माफ कर दिया है।वहीं बच्चों उनके अभिभावक व पंचायत ने ऐसी घटना भविष्य में न दोहराने को लेकर लिखित में माफी मांगी है। इसके अलावा बच्चे ऐसा प्रयोग साइंस लैब में करते तो उन्हें सम्मानित किया जाता। लेकिन उन्होंने गलत तरीका अपनाया, जोकि नुकसानदायक हो सकता था।- नरेश मेहता, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।


















