कोरबा। बरसात का मौसम शुरु हो गया है। ऐसे में जलजनित रोग डायरिया के खतरे से बच्चों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गहन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा मनाया जा रहा है जिसके तहत मितानीन घर-घर जाकर सर्वे का काम कर रही है और जहां उल्टी दस्त से पीडि़त बच्चे पाए जा रहे हैं उन्हें जिंक और ओआरएस का घोल देकर बीमारियों की रोकथाम का प्रयास कर रही है।
बरसात के मौसम में अक्सर जलजनित बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। दूषित जल के उपयोग से डायरिया सहित अन्य बीमारियों बच्चों को बीमार करना शुरु कर देती है। इस तरह की परिस्थितियों से निबटने कोरबा का स्वास्थ्य विभाग सजग हो गया है और गहन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा अपनाकर ऐसी बीमारियों की रोकथाम में लगा हुआ है। पखवाड़ा के तहत मितानीन घर-घर जाकर सर्वे कर रही है और बच्चों को जिंक की टैबलेट देने के साथ ही ओआरएस का घोल भी मुहैया करा रही है। 21 जून से शुरु हुआ यह पखवाड़ा 5 जुलाई तक चलेगा। पखवाड़ा को लेकर हमने कुछ मितानीनों से बात की तब उन्होंने बताया,कि पचास घरों के सर्वे के दौरान कुछ बच्चे बीमार पाए लिहाजा उन्हें जरुरी दवाईयां मुहैया कराया गया है। जो बच्चे ज्यादा गंभीर पाए गए हैं उन्हें अस्पताल में रिफर करने की व्यवस्था कराई जा रही है। जलजनित बीमारियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह पखवाड़ा निश्चित की काफी लाभाकारी साबित होगा क्योंकि बरसात के दौरान खासकर बच्चों में उल्टी दस्त की शिकायतें काफी आती है इस लिहाज से स्वास्थ्य विभाग की यह कोशिश तारीफ के काबिल है।

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