बिर्रा। सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा शुरू हो गई है वहीं सीजी बोर्ड परीक्षा को अब कुछ दिन ही शेष बचे हैं। परीक्षा की तैयारियों में जुटे परीक्षाथियों को शादी पार्टी में बजने वाले डीजे बैंड बाजा से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोलाहल अधिनियम लागू होने के बाद भी लोग बिना अनुमति के कानफोड़ू ध्वनि विस्तारक यंत्र बजा रहे हैं। शादी पार्टी से लेकर विभिन्ना आयोजनों में परीक्षा की अनदेखी कर डीजे व बैण्ड बाजा का उपयोग कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 जिले में प्रभावशील हैं।
परीक्षा के दौरान अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश सुप्रीम कोर्टऔर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिया है। अधिनियम के तहत परीक्षा समयावधि में तीव्र ध्वनि विस्तारक यंत्र के प्रयोग को प्रतिबंधित किया गया है। रात 10 बजे से सुबह 6बजे तक किसी भी स्थान में ध्वनि विस्तारक यंत्र नहीं बजाया जा सकता । नियमों की अवहेलना पर जिला दण्डाधिकारी को छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 4,5,10एवं 11में प्रदत्त शक्तियों के तहत कार्रवाई का अधिकार दिया गया है। विशेष प्रयोजन के लिए लोगों को अपने क्षेत्र के एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, पुलिस थाना से लिखित में अनुमति लेना हैलेकिन इसके बाद भी निर्धारित आवा में चलाने से प्रतिबंधित किया गया है। लेकिन शासन द्वारा निर्धारित कोलाहल अधिनियम कागजों में सिमट कर रह गई है। 2 मार्च से बारहवीं और 3 मार्च से दसवीं बोर्ड की परीक्षा शूरू हो रही है। साथ ही गुरूघासीदास विश्वविद्यालय के संबधित कालेज व स्थानीय परीक्षा भी शुरू होगी । परीक्षा की तैयारी में जुटे परीक्षाथियों को शोरशराबा व कोलाहल के बीच परीक्षा की तैयारी करना पड़ रहा है। परीक्षार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन व पुलिस को कड़ाई से पालन करते हुए नियमों का पालन सुनिश्चित कराना चाहिए ।