नईदिल्ली, २४ नवंबर [एजेंसी]।
शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता आदित्य ठाकरे आज बिहार के दौरे पर हैं। बिहार में उन्होंने सबसे पहले राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मुलाकात की। इसके बाद वह सीधे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मिलने पहुंचे। नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि हमारे समक्ष अभी लोकतंत्र और संविधान को बचाने की चुनौती है। उन्होंने दावा किया कि इसे बचाने के लिए जो कुछ भी करना पड़ेगा, वह हम करेंगे। इसके साथ ही आदित्य ठाकरे ने इस बात से इनकार किया कि आज के मुलाकात में कोई राजनीतिक चर्चा हुई है।
उन्होंने कहा है कि आज अलग-अलग विषयों पर चर्चा हुई है। आगे हम एक साथ काम करने के लिए तैयार हैं। यह दोस्ती यूं ही जारी रहेगी। शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने यह भी कहा कि हम एक-दूसरे के संपर्क में रहे हैं लेकिन कोविड के कारण मिल नहीं पाए। हमने विभिन्न विषयों पर चर्चा की लेकिन राजनीति पर चर्चा नहीं की। यकीन है कि यह दोस्ती जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि देश में जो भी युवा महंगाई, रोजगार और संविधान के लिए काम करना चाहता हैं अगर वे आपस में बातचीत करते रहें तो देश में कुछ अच्छा कर सकेंगे। आदित्य ठाकरे के साथ राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी भी मौजूद रही। भाजपा ने इसको लेकर अब बिहार सरकार और तेजस्वी यादव पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। भाजपा ने आदित्य ठाकरे के दौरे के दौरान ही सुशांत सिंह राजपूत के मौत का मामला भी उठाया है। भाजपा के प्रवक्ता निखिल आनंद ने इसको लेकर कई ट्वीट किए हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियान की मौत के बाद, रूङ्क्र सरकार बॉलीवुड के बेबी-बाबा, ड्रग- हवाला- अंडरवर्ल्ड माफियाओं के संरक्षक के रूप में दिखी।
इसके साथ ही भाजपा नेता ने कहा कि जिस तरह सबूतों को नष्ट किया और सीबीआई जांच का विरोध किया, वह संदेह पैदा करता है। मैं चाहता हूं कि इन संरक्षकों का नारको टेस्ट हो। भगवान हमें न्याय दें। इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियान की संदेहास्पद मृत्यु के बाद आदित्य ठाकरे, संजय राउत और उद्धव ठाकरे ने जिस तरह का बर्ताव किया था, उसे हम कभी भूल नहीं सकते। तेजस्वी को बिहार विरोधी मानसिकता और सुशांत की मौत के जिम्मेदार संदिग्ध चरित्र वाले लोगों से मिलने का बहिष्कार करना चाहिए।