बलौदा। घर के भीतर कमरे में पति- पत्नी की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। घर से दुर्गंध आने पर कोटवार ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। दोनों की लाश चार-पांच दिन पुरानी बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही है। घटना बलौदा थाना के ग्राम नवापारा (ख) की है।
ग्राम नवापारा में रघुबर ओग्रे (65) पिता ब्रिज लाल ओग्रे अपनी तीसरी पत्नी रूखमणि ओग्रे (35) के साथ रहता था। रविवार की शाम मृतक के घर से बदबू आने पर लोगों ने कोटवार को इसकी सूचना दी। कोटवार की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घर के कमरे को खोलकर देखा। भीतर रघुबर ओग्रे और उसकी पत्नी रूखमणि ओग्रे की लाश बिस्तर पर पड़ी हुई थी। दोनों के शव से दुर्गंध आ रही थी। इधर दो लोगों की मौत की खबर की सूचना पर एएसपी मधुलिका सिंह भी वहां पहुंची और मौके का मुआयना किया। उन्होंने शव की संदिग्ध स्थिति को देखते हुए बिलासपुर से फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम बुलाई। फॉरेसिंक की टीम ने जांच की और अपने साथ परीक्षण के लिए सेंपल ले गए। लाश पुरानी होने की वजह से पीएम के लिए सिम्स बिलासपुर भेजा गया। फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही है और पीमए रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चलने की बात कह रही है।
एएसपी मधुलिका सिंह ने बताया कि रघुबर ओग्रे अपनी तीसरी पत्नी रूखमणि के साथ रहता था। उसकी पहली पत्नी छोड़कर जा चुकी है वहीं दूसरी पत्नी की मौत हो चुकी है। पहली पत्नी की एक बेटी है जो खिसोरा में रहती है।
कभी- कभी रघुबर उससे मिलने के लिए जाता था। गांव में ही पड़ोस में रघुबर का एक भाई रहता है। दो चार दिन तक जब रघुबर गांव में नहीं दिखा तो उसके भाई को लगा कि वह अपनी बेटी से मिलने खिसोरा गया होगा। मृतक के भाई ने पुलिस को बताया कि महिला मानसिक रूप से कमजोर थी। उसका पति ही उसकी देखरेख करता था।
मृतकों के कमरे में पकी हुई सब्जी और चावल मिला है। दोनों खाना खाने के बाद सो गए। बचा हुआ खाना वहीं छोड़ दिये थे। फॉरेंसिक एक्सपर्ट पीएस भगत ने बताया कि मृतक के खाने में फूड पाईजिंग या फिर खाने पर कोई जहरीली जंतु गिरने के कारण मौत हुई होगी।
हत्या का ऐसा कोई निशान नहीं दिख रहा है। पोस्टमार्टम के बाद ही सही पता चल पाएगा।