सक्ती। शादी का नाम सुनते ही हमारे मन में सजे-धजे दूल्हा-दुल्हन की तस्वीर और बारात में बजते ढोल-ताशे की झलक दिख जाती है पर रविवार को एक ऐसी शादी हुई, जिसमें गुरु वाणी से 16 मिनट में विवाह संपन्न करा दिया गया। यह एक दिवसीय सत्संग शिविर में देखने को मिला। यहां 1 जोड़े का दहेज मुक्त विवाह (रमैनी) कराकर दहेज की परंपरा को बंद करने का संदेश दिया गया। सक्ती स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सामुदायिक भवन में रविवार को दहेज मुक्त विवाह, आध्यात्मिक सत्संग, रक्तदान शिविर व देहदान संकल्प फॉर्म भराया गया। अनुयायियों से दहेज, नशा और व्यभिचार मुक्त समाज बनाने की अपील की। इस दौरान 1 जोड़े की दहेज मुक्त विवाह कराया गया। इसमें कोई फिजूलखर्ची नहीं की गई। बिना किसी दिखावे और आडंबर के बिना पवित्रता और सादगी के साथ गुरुवाणी से सिर्फ 17 मिनट में विवाह कराया गया। इसमें डभरा निवासी मनहरण दास चंद्रा के साथ मालखरौदा निवासी पिंकी दासी चंद्रा का विवाह हुआ। 100 से अधिक ने भरा देहदान करने का फॉर्म संत जी के अनुयायियों ने पहल कर जरूरतमंदों के लिए रक्तदान और देहदान शिविर लगाया। शिविर में 50 यूनिट रक्तदान के साथ 100 से भी अधिक लोगों ने मृत्युपरांत देहदान करने का संकल्प लिया। रामपाल ने समाज को जागरूक करते हुए कहा कि दहेज प्रथा, नशे की लत और व्यभिचार जैसी सामाजिक बुराइयों से मुक्ति प्राप्त करने हमें अपने आचरण और व्यवहार में सुधार लाना होगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि परिवारों को केवल भौतिक वस्तुओं से नहीं, बल्कि प्यार और सम्मान से जोडऩे की जरूरत है।