नईदिल्ली, १२ अगस्त [एजेंसी]।
देश में रेवड़ी कल्चर को लेकर जबरदस्त तरीके से वार पलटवार का दौर जारी है। आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर से केंद्र सरकार पर जबरदस्त तरीके से निशाना साधा। अब भाजपा की ओर से पलटवार किया गया है। भाजपा ने साफ तौर पर कहा है कि अरविंद केजरीवाल सरासर झूठ बोल रहे हैं। भाजपा ने दावा किया है कि अरविंद केजरीवाल ने झूठ बोलने की रेल लगाई है। इसके साथ ही यह भी दावा किया गया है कि मोदी सरकार में मनरेगा योजना को मजबूत बनाया गया है और इसके लिए बजट भी बढ़ाया गया है। भाजपा ने केजरीवाल को चुनौती देते हुए कहा कि आप अपने बातों को सच साबित करिए। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि अब ये कहना गलत नहीं होगा कि -दिल्ली मॉडल हो गया है फेल, अरविंद केजरीवाल आकर झूठ की लगा रहे हैं रेल। जो करते हैं ये वादा, उसका पूरा नहीं किया आधा।
गौरव भाटिया ने कहा कि अरविंद केजरीवाल जी ने आज प्रेस कांफ्रेंस में ये बात कह दी कि मनरेगा की राशि में 25 फीसदी की कटौती की गई है। जबकि इस योजना से गरीब, किसान, मजदूर को 100 दिन का काम मिलता है। ये अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस में पहला झूठ बोला है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मनरेगा को प्रभावी बनाकर न केवल उसका बजट बढ़ाया, बल्कि ये सुनिश्चित भी किया गया कि एक-एक रुपया उसके खाते में सीधा पहुंचे और भ्रष्टाचार ना हो, उस मॉडल का नाम श्री नरेन्द्र मोदी मॉडल है। अरविंद केजरीवाल जी आपने कैसे कह दिया कि मनरेगा के बजट में 25 फीसदी की कटौती की गई है। भाजपा नेता ने कहा कि गौर से सुनिए अरविंद केजरीवाल जी, 2021-22 में मनरेगा का जो बजट था वो 73 हजार करोड़ था। महामारी के कारण इस बजट को 25 हजार करोड़ रुपये बढ़ाकर 98 हजार करोड़ किया गया।
इसके आगे भाटिया ने कहा कहा कि अरविंद केजरीवाल जी आपने एक और अनर्गल आरोप लगाया, आपने कह दिया कि केंद्र सरकार टैक्स एकत्रित कर अभी तक 42त्न राज्यों को देती थी, पिछले कुछ वर्षों से 13त्न की कटौती कर इसे 29फीसदी कर दिया गया है।
अब मैं आपको बता दूं कि फाइनेंस कमीशन ने ये तय करके बताया कि पांच वर्षों के लिए जो सारे प्रदेशों को त्रस्ञ्ज में से डिवाल्व होता था, वो 42फीसदी पर ही रहेगा। अरविंद केजरीवाल जी आपने ये दूसरा झूठ बोला।
इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बहस्पतिवार को कहा कि केंद्र जिस तरह से लोगों को मुफ्त सुविधाएं दिए जाने का ‘कड़ा विरोधÓ कर रहा है, उससे लगता है कि उसकी वित्तीय स्थिति कुछ गड़बड़ है। रक्षा भर्ती योजना अग्निपथ, केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 42 फीसदी से घटाकर 29 फीसदी करने, खाद्य पदार्थों पर लगाए गए माल एवं सेवा कर (जीएसटी) और मनरेगा कोष में 25 फीसदी कटौती का हवाला देते हुए केजरीवाल ने पूछा कि सारा पैसा कहां जा रहा है?
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