नईदिल्ली, 1६ सितम्बर ।
दिल्ली में अन्नदाता का एक बार फिर से विरोध-प्रदर्शन करने को तैयार है। क्योंकि केंद्र सरकार की तरह से किसानों से जुड़े तीन अध्यादेशों को लेकर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया है।
आज भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) से जुड़े कई किसान संगठन संसद की तरफ कूच करने वाले है। ये किसान तीनों अध्यादेश के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करेंगे। भाकियू नेता गुरनाम सिंह का कहना है कि कई राज्यों के किसान विधेयकों के विरोध में संसद के बाहर बल्लाबोल करेंगे।
इनकी मांगे है कि यह तीनों अध्यादेशों को वापिस ले लिया जाये। इससे पहले सोमवार को हरियाणा और यूपी के किसानों ने जंतर-मंतर की तरफ कूच किया था। वहीं दिल्ली पुलिस ने कुंडली, नरेला और यूपी बोर्डर की तरफ दिल्ली गेट पर रोक दिया था। दिल्ली पुलिस ने उग्र होते किसानों को नरेला में हिरासत में ले लिया था।
इसके विरोध में किसानों ने काले कपड़े पहनकर विरोध किया था कुछ घंटों बाद हिरासत में लिए गये किसानों को छोड़ दिया था। उधर, भाकियू टिकैत के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान के नेतृत्व में पानीपत, करनाल, जींद, गोहाना व सोनीपत के किसान कुंडली बॉर्डर पर पहुंचे। जैसे ही किसान दिल्ली में प्रवेश करने लगे तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जब किसानों ने इसका कारण पूछा तो दिल्ली पुलिस ने कोरोना व धारा 144 का हवाला दिया। मान ने कहा कि भाजपा सरकार ने निहत्थे व शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे किसानों पर लाठी चलवाई। कई किसानों की हड्डियां तोड़ी गई। वहीं यूपी बॉर्डर पर अर्धनग्न होकर किसानों ने प्रदर्शन किया है।