नईदिल्ली, 2८ नवम्बर [एजेंसी]।
राजधानी दिल्ली में किसान आंदोलन जारी है। दिल्ली में प्रवेश की अनुमति मिलने के बाद भी बड़ी संख्या में किसान दिल्ली पंजाब बॉर्डर पर जमे हैं। शनिवार सुबह यहां किसानों ने बैठक की और अपनी आगे की रणनीति पर विचार किया। किसानों का कहना है कि जब तक सरकार विवादित कानून वापस नहीं ले लेती, तब तक वे यहीं जमे रहेंगे। वे अपनी पूरी तैयारी करके आए हैं। उनके पास भरपूर मात्रा में राशन है। इस बीच, खबर यह है कि पंजाब से हजारों की संख्या में और किसान दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं कहा जा रहा है कि पंजाब के इन किसानों को उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड के किसानों का समर्थन मिला है। यदि यह किसान आंदोलन लंबा चलता है तो इन राज्यों के किसान भी दिल्ली कूच कर सकते हैं। दिल्ली किसानों के खिलाफ कानून बनाए वह ठीक, मगर सरकार को अपनी बात सुनाने किसान दिल्ली आए तो वह गलत?
किसान डटे हुए हैं. पंजाब से आए एक किसान ने कहा कि हमारा विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक कि कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाता है. हम यहां लंबी लड़ाई के लिए जुटे हैं. एक अन्य किसान ने कहा कि हम पीछे हटने वाले नहीं हैं. हम छह महीने का राशल लेकर आए हैं. पंजाब से फतेहगढ़ साहिब से किसानों का एक और जत्था दिल्ली आ रहा है. ये सभी सिंधु बॉर्डर में प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ शामिल होंगे. दिल्ली के टिकारी बॉर्डर पर भी प्रदर्शनकारी पहुंच गए हैं. इसे देखते हुए यहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है. हालांकि किसानों को प्रदर्शन करने के लिए बुराड़ी का निराकारी समागम ग्राउंड दिया गया है. सिंधु बॉर्डर पर पंजाब के किसानों की मीटिंग जारी है. इस मीटिंग में तय किया जाएगा कि किसान अपना प्रदर्शन यहीं से करेंगे या दिल्ली के बुराड़ी स्थित निराकारी समागम ग्राउंड में आएंगे. उत्तर प्रदेश के बिजनौर से भी कुछ किसान दिल्ली के बुराड़ी ग्राउंड में पहुंच गए हैं. लगभग 30 किसान बुराड़ी ग्राउंड आए हैं, इनका कहना है कि वहां से और किसान बुराड़ी ग्राउंड पहुंच रहे हैं. इन किसानों ने प्रदर्शनकारी किसानों को समर्थन देने का वादा किया है. इधर सिंधु बॉर्डर से कुछ किसान देर रात बुराड़ी के ग्राउंड पर पहुंच गए थे. दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक ज्यादातर किसान बुराड़ी आने को तैयार हैं, लेकिन किसान आंदोलन में शामिल नेताओं के अपने अपने अलग अलग गुट हैं जो किसानों को बुराड़ी ग्राउंड पर जाने से रोक रहे हैं. सिंधु बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. किसान आज यहां एक मीटिंग में तय करने वाले हैं कि उनका आंदोलन यहीं से चलेगा या फिर वे दिल्ली सरकार द्वारा मुहैया कराए गए बुराड़ी मैदान की ओर कूच करेंगे.