नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेटर हार्दिक और क्रुणाल पांड्या के पिता का शनिवार की सुबह दिल का दौरा पडऩे के बाद निधन हो गया। इस दु:खद खबर के बाद बरोदा की तरफ से सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी खेल रहे कप्तान क्रुणाल पांड्या बायो बबल छोडक़र घर के लिए रवाना हो गए। बड़ौदा क्रिकेट संघ के सीईओ शिशिर हत्तंगड़ी ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि कुणाल ने बायो बबल छोड़ दिया है। यह एक व्यक्तिगत त्रासदी है और बड़ौदा क्रिकेट संघ हार्दिक और कुणाल के इस दु:ख में साथ खड़ा है। हार्दिक और कुणाल को क्रिकेटर बनाने में उनके पिता का अहम योगदान रहा। उन्होंने आर्थिक स्थिति खराब रहने के बावजूद पैसे जुटाकर अपने दोनों बेटों को किरण मोरे क्रिकेट अकादमी में भेजा था। खुद हार्दिक भी अपने पिता के योगदान को कई बार स्वीकारते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चुके हैं।