जांजगीर-चांपा । जांजगीर के न्यू सिंचाई कालोनी में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा परिसर में बुधवार की दोपहर को अचानक लंगूर पहुंचा और देवी प्रतिमा के पास बैठ गया। अचानक इस दृश्य को देखकर लोग आश्चर्यचकित हो गए और देवी के दूत का स्वरूप मानकर भोग प्रसाद चढ़ाकर पूजा अर्चना करने लगे।
जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर 19 के नई सिंचाई कालोनी में कर्मचारी सत्येंद्र उपाध्याय के घर 8 से 16अक्टूबर तक श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा वाचक पं. यशोदानंदन पाण्डेय हैं। कथा के छठवें दिन 13 अक्टूबर की सुबह लगभग 11 बजे पूजा के बाद यज्ञ स्थल में एक लंगूर पहुंच गया। आयोजित कार्यक्रम में शामिल श्रद्घालुओं ने उसे देवतुल्य मानते हुए पूजा अर्चन कर उनसे आशीर्वाद मांगा। फलों का भोग लगाया। जिसे लंगूर ने छककर खाया और खाकर छोड़े गए फल को प्रसाद के रूप में भी लोगों में बांटा गया। आम तौर पर यह प्राणी उछलकूद और शरारत के साथ नजदीक आने पर आत्मरक्षा में आक्रमक रुख अपनाने में देर नहीं करता मगर लोगों की आस्था और आवभगत से प्रभावित यह लंगूर भी बड़े आनन्द से शान्ति पूर्वक मंच पर बैठे लोगों का अभिवादन स्वीकार करता दिखा। आयोजनकर्ता शीतला उपाध्याय ने बताया कि समाज में प्रकृति, नदी-पहाड़ और वन्य प्राणियों को देवी-देवताओं के रूप में पूजे जाने की परंपरा है। वानरों को रूद्र अवतार बजरंग बली का रूप माना जाता है। ऐसे भक्तिमय वातावरण में इस लंगूर के आगमन से ऐसा लगा जैसे ईश्वर ने स्वयं पहुंचकर हमें आशीर्वाद दिया है।

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