
बिश्रामपुर। एसईसीएल की अमेरा ओपनकास्ट परियोजना में कोयला चोर बेखौफ चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। उप प्रबंधक खनन पर हमला करने के बाद अब पूरा का पूरा गांव खदान में कोयला चोरी के लिए उमडऩे लगा है। रविवार की सुबह करीब तीन सौ ग्रामीण खदान में जबरन घुसकर लाखों रुपये का कोयला चोरी कर ले गए। बार बार शिकायत और लगातार समाचार प्रकाशन के बावजूद कोयला चोरी नही थम रही है। इससे अपराधों और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के राज्य सरकार के दावों की पोल खुलने लगी है। खान प्रबंधन की शिकायतों के बावजूद कोयला खदानों से भारी मात्रा में कोयला चोरी से एसईसीएल प्रबंधन काफी परेशान है। बड़े पैमाने पर दबंगई से की जा रही कोयला चोरी से परेशान एसईसीएल के अधिकारी सरगुजा रेंज के आईजी से लेकर सूरजपुर व सरगुजा एसपी से मुलाकात कर कोयला चोरी से संभावित जानलेवा हादसे की स्थिति से अवगत कराते हुए इस पर रोक लगाने कार्रवाई की मांग भी कर चुके है। पुलिस के आला अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद कोयला चोरी और कोयला का अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी रहने की वजह से पुलिस पर कोयला माफियाओं से साठगांठ के आरोप लगातार लग रहे है। कोयले के अवैध कारोबार को राजनैतिक संरक्षण के भी आरोप लगने लगे है। पुलिस के उच्च अधिकारियों के कोयला चोरी पर रोक लगाने के आश्वासन के बाद अमेरा खदान में कोयला चोरी बढ़ गई है। दो दिन पूर्व कोयला चोरी से मना करने पर खदान के उप प्रबंधक खनन पर प्राणघातक हमला करने के बाद रविवार को अलसुबह पूरा का पूरा गांव अमेरा खदान में कोयला चोरी करने जबरन घुस गया। तीन सौ से अधिक ग्रामीण महिला पुरुषों को कोयला चोरी से मना करने पर ग्रामीणों ने सुरक्षा कर्मियों को धमकाया और लाखों रुपये लागत का कोयला चोरी कर ले गए। एसईसीएल प्रबन्धन कोयला चोरी रोकने पूरी तरह लाचार और असहाय नजर आ रहा है। सरगुजा जिले में संचालित एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र की अमेरा ओपनकास्ट प्रयोजन समेत सूरजपुर जिले की आमगांव ओपनकास्ट परियोजना व गायत्री भूमिगत परियोजना कोयला चोरो के निशाने पर है। इन खदानों से भारी पैमाने हो रही कोयला चोरी हो रही है। अब यह सवाल उठने लगा है कि राज्य में सत्ता बदलने के बाद भी किसके इशारे पर पुलिस भी कोयला चोरी रोकने क्यो दिलचस्पी नही ले रही है। कोयला खदान से चोरी कोयले को कोल माफिया धड़ल्ले से ट्रकों के जरिये रोजाना कोयला तस्करी के कार्य को अंजाम दे रहे है और पुलिस की चुप्पी कई सवालों को जन्म दे रही है। कोयला चोरी से कंपनी को अपूर्णीय क्षति हो रही है। वही शासन को भी राजस्व की भारी क्षति हो रही है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर अवैध कारोबारियों को संरक्षण देने वाली भाजपा की राज्य में सरकार बनने के बाद भी कोयले के अवैध कारोबार में वृद्धि होने से भाजपा की कथनी और कथनी में अंतर स्पष्ट नजर आ रहा है। कोलफेस में जबरन घुसकर कोयला चोरी से कभी भी भयंकर जानलेवा हादसा घटित हो सकता है। शायद राज्य की भाजपा सरकार को इसी हादसे का इंतजार है। कोयला माफियाओं के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। आज तो पूरा का पूरा गांव अमेरा खदान में कोयला चोरी करने घुस गया था। मनाही के बाद मारपीट पर उतारू ग्रामीणों का झुंड भारी मात्रा में कोयला चोरी कर ले गया। हम लगातार पुलिस को कोयला चोरी की सूचना देकर कार्रवाई की मांग कर रहे है। उसके बावजूद कोयला चोरी नही थमने से हम परेशान है। वही कोलफेस में जबरन घुसकर कोयला चोरी से अनहोनी की आशंका से हम विचलित भी है। पुलिस प्रशासन कोयला चोरी रोकने में सहयोग करे, तभी हमे इस परेशानी से निजात मिलेगी।





















