हनोई । नोबेल शांति पुरस्कार के लिए कई बार नामांकित वियतनाम के थिच क्वांग डो की 93 वर्ष की अवस्था में निधन हो गया। वह एक असंतुष्ट बौद्ध भिक्षु थे। उन्होंने अपना अधिकांश जीवन धार्मिक स्वतंत्रता और कम्युनिष्ट द्वारा संचालित मानवाधिकारों की वकालत करते हुए बिताया। थिच क्वांग का जन्म 1928 में वियतनाम के थाई प्रांत में हुआ था। वह वियतनाम के प्रतिबंधित बौद्ध मठ के मुखिया थे। मानवाधिकार और धार्मिक आजादी की मांग उठाने वाले थिच क्वांग वियतनाम सरकार के खिलाफ मुखर रहे। उनकी इस कट्टरता के कारण उन्हें 2003 में गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें नजरबंद कर दिया गया। तब से वह लगातार पुलिस की निगरानी में थे।