
मॉस्को, १८ दिसम्बर । व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की उस टिप्पणी को पूरी तरह से बकवास बताते हुए खारिज कर दिया कि अगर रूस यूक्रेन में युद्ध जीत गया, तो वह नाटो देशों पर हमला करेगा। उन्होंने कहा कि रूस की नाटो सैन्य गठबंधन से लडऩे में कोई दिलचस्पी नहीं है। यूक्रेन युद्ध ने पश्चिम के साथ मास्को के संबंधों में गहरा संकट पैदा कर दिया है। बाइडन ने पिछले साल चेतावनी दी थी कि नाटो और रूस के बीच सीधा टकराव तीसरे विश्व युद्ध को जन्म देगा। इस महीने की शुरुआत में रिपब्लिकन से आगे की सैन्य सहायता को अवरुद्ध न करने की अपील में जो बाइडन ने चेतावनी दी थी कि अगर पुतिन यूक्रेन पर विजयी होते हैं, तो रूसी नेता नहीं रुकेंगे और नाटो देशों पर हमला करेंगे। पुतिन ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि बाइडन रूस पर अपनी गलत नीति को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। पुतिन ने कहा कि रूस के पास नाटो देशों से लडऩे का कोई कारण नहीं है। साथ ही कोई भूराजनीतिक हित (आर्थिक, राजनीतिक, सैन्य) भी नहीं है। अमेरिका के नेतृत्व वाले नाटो गठबंधन की स्थापना 1949 में सोवियत संघ के खिलाफ पश्चिमी सुरक्षा प्रदान करने के लिए की गई थी। 1991 में सोवियत संघ के पतन के बाद इसे विस्तारित किया गया था।पुतिन ने शीत युद्ध के बाद नाटो के विस्तार को बार-बार रूस की सुरक्षा चिंताओं से निपटने के पश्चिम के अहंकारी तरीके के सुबूत के रूप में पेश किया है। नाटो संधि के अनुच्छेद-5 के तहत, पार्टियां इस बात पर सहमत हैं कि यूरोप या उत्तरी अमेरिका में उनमें से एक या अधिक के खिलाफ सशस्त्र हमला उन सभी के खिलाफ हमला माना जाएगा। पुतिन ने कहा कि अप्रैल में फिनलैंड के नाटो में प्रवेश से रूस को अपनी सीमा के पास उत्तरी रूस में कुछ सैन्य इकाइयों को केंद्रित करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।























