नाबालिग पीडि़ता को क्षतिपूर्ति के रूप में एक लाख रुपये शासन से दिलाए जाने की अनुशंसा न्यायाधीश ने किया

शक्ति। पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश श्रीमती गीता नेवारे ने अभियुक्त के विरुद्ध नाबालिग से जबरन बलात्कार करने के आरोप दोष सिद्ध पाए जाने पर अभियुक्त को 20 वर्ष की सश्रम कारावास व अर्थदंड से दंडित किया है। शासकीय विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो अधिवक्ता राकेश महंत के अनुसार घटना मालखरौदा थाना क्षेत्र की है। अभियुक्त ईश्वर भारद्वाज पिता रेशम लाल भारद्वाज उम्र 30 वर्ष निवासी चंदेलाडीह सकर्रा थाना मालखरौदा ने दिनांक 1 दिसंबर 2018 तथा 4 दिसंबर 2018 को जब 12 वर्षीय नाबालिग अभियोक्त्री के माता-पिता मजदूरी करने घर से बाहर गए थे तो अभियुक्त अभियोक्त्री के घर भाजी लेने के बहाने आया और उसके हाथ पकड़ कर कमरे में ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया तथा अभियोक्त्री के चिल्लाने पर उसके मुंह को दबा दिया। घटना के वक्त रिपोर्टकर्ती के 12 वर्षीय नाबालिग पीडि़ता पुत्री के साथ 7 एवं 5 वर्ष के नातिन भी घर में उपस्थित थे जो खेल रहे थे। उन्होंने अभियुक्त को घर में घुसते हुए देखा तथा पीडि़ता के चिल्लाने पर जाकर दोनों देखे तो घर का दरवाजा बंद था जहां पीडि़ता बंद थी। माता-पिता मजदूरी करके घर शाम को वापस आए तो उनकी पीडि़ता पुत्री एवं दोनों नातिन ने घटना को रो-रो कर बताया। घटना की रिपोर्ट पीडि़ता की माता ने थाना मालखरौदा में किया जिस पर अभियुक्त के विरुद्ध धारा 376 -2 (झ,ठ) भारतीय दंड संहिता एवं 6 पास्को एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया एवं विवेचना उपरांत अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में निर्णय हेतु पेश किया गया था! न्यायालय द्वारा विचारण उपरांत अभियुक्त के विरुद्ध आरोपित अपराध दोष सिद्ध पाए जाने पर अभियुक्त को 20 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा एवं ?5000 अर्थदंड से दंडित किया गया तथा अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर 6 माह के कारावास की अतिरिक्त सजा दिया गया है। अभियोजन की ओर से पैरवी अधिवक्ता राकेश महंत शासकीय विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो ने किया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो श्रीमती गीता नेवारे ने नाबालिग अभियोक्त्री को क्षतिपूर्ति के रूप में एक लाख रुपये शासन से दिलाए जाने की अनुशंसा अपने निर्णय में किया है।