नगर पालिका की उदासीनता से अधिकतर नालियां हुई अनुपयोगी
सीताराम नायक
जांजगीर-चाम्पा। नगर पालिका परिषद जांजगीर नैला द्वारा शहर के प्रमुख सड़क किनारे नाली तो करोड़ो रूपये की लागत से बना दिया गया हैं, परन्तु इन नालियों की सफाई वर्षों से नहीं होने के कारण जहां नालियां जाम हो गई हैं वहीं इससे जगह-जगह बदबू आने लगी हैं परिणाम स्वरूप यह हैं कि मच्छरों की तादात बढऩे लगी हैंऔर लोग समय समय पर बीमार होते रहते है, साथ ही साथ घरों का पानी तक ठीक से नहीं निकल पा रहा हैं जो शहरवासियों के लिए एक विकराल समस्या बन गई हैं।
इस संबंध में अवगत हो कि कचहरी चौक से नेताजी चौक तक सड़क के दोनों तरफ नाली का निर्माण कराया गया हैं इसी तरह लिंक रोड में भी सड़क के दोनों तरफ नालियां बनाई गई हैं। लेकिन इन नालियों की सफाई विगत ५ वर्ष से अधिक हो गया हैं। जिसकी सफाई नगर पालिका द्वारा नहीं कराया गया हैं। कचहरी चौक से पुराना जिला चिकित्सालय तक एक ओर नाली का निर्माण कराया गया वहीं नेताजी चौक से शारदा चौक तक दोनों तरफ नाली का निर्माण कराया गया हैं। कचहरी चौक से पूराना जिला चिकित्सालस तक एवं नेताजी चौक से शारदा चौक की नालियों में एक तरफ फुटपाथ का भी निर्माण कराया गया हैं ताकि इसमें नागरिक आवागमन पैदल कर सके,किन्तु नालियों के ऊपर बने फुटपाथ पर पूरी तरह से व्यापारियों का कब्जा हैं। जिसमें या तो कुछ व्यापारी पक्का निर्माण कर चबुतरा बना लिये हैं या फिर बहुतों व्यापारी इसमें अपनी सामानों को प्रदर्शन के लिए रखने लगे हैं। जबकि फु टपाथ के लिए नगर पालिका ने इस शहर में करोड़ों रूपये खर्च की हैं लेकिन यह फुटपाथ जनता के किसी काम का नहीं हैं यह केवल व्यापारियों का काम आ रहा हैं नतिजा यह हैं कि करोड़ो रूपये की लागत से बनी नाली व फु टपाथ केवल सफेद हाथी साबित हो रहा हैं।
सब से ध्यान देने वाली बात यह हैं कि जब भी नगर पालिका में जिसकी भी सरकार बनी हैं वह नालियों के निर्माण की दिशा में जरूर लाखों-करोड़ों रूपये फू क ते रहे हैं। नालियों को तोड़कर नाली एवं सड़कों के ऊपर सड़क जरूर बनाया गया हैं और यह कार्य आज भी जारी हैं किन्तु किसी भी नगर पालिका की सरकार ने नगर के नालियों क ी सफाई के लिए अभियान नहीं चलाया। अगर नाली निर्माण के स्थान पर शहर में नालियों की सफाई नियमित किया गया होता तो आज शहर में गंदगी का वातावरण नहीं होता। कुछ वार्ड ऐसे है जहां की नालियों को बनने के बाद सफाई तक नही कराया गया है जिससे वह पटकर पूरी तरह अनुपयोगी हो गयी है वर्तमान में नालियों की सफाई नितांत आवश्यक हैं।
यह समस्या मुख्यमार्गों तथा लिंक रोड का ही नहीं हैं अपितु नगर के पूरे वार्डों की है जहां सफाई नहीं होने के कारण नालियां बजबजाती नजर आती हैं। विशेषकर जिन वार्डों में होटल संचालित हो रही हैं उन स्थानों में नालियों क ी स्थिति सबसे अधिक खराब हैं। इसके लिए नगर पालिका होटल संचालकों को जिम्मेदार मानती हैं और होटल संचालक नगर पालिका को दोषी मानती हैं किन्तु इन दोनों का खामियाजा का जनता भुगत रही हैं।
नगर पालिका जांजगीर नैला द्वारा जब भी साफ-सफाई के लिए कदम आगे बढ़ाया गया हैं तो वह कुछ विशेष स्थान पर ही सफाई कराके अपना खानापूर्ति भी कभी-कभार करते रही हैं। शहर के गंदी बस्ती, झोपड़-पट्टी तथा नये बसाहट व कॉलोनियों की ओर पालिका द्वारा जरा भी ध्यान नहीं दिया गया। जिसकें कारण जगह-जगह गंदगी और बदबू विद्यमान हैं। नगर पालिका को चाहिए की पूरे शहर में नाली की सफाई का अभियान चलाकर इसे साफ किया जाए ताकि नगर वासियों को मच्छर व विभिन्न बीमारी से राहत मिल सके। अगर नगर पालिका इतना ही कर ले तो स्थानीय सरकार चुनने का जनता का सपना साकार हो जायेगा ।

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