कोरबा। सामाजिक कार्यकर्ता विनोद सिन्हा ने जारी एक बयान में बताया कि नगर पालिक निगम कोरबा में कई वर्षों से आश्रितों के आवेदन को लंबित रखा गया है, जिसके चलते आश्रित गण, भुखमरी, बेरोजगारी व आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। नगर निगम कार्यालय में बार-बार चक्कर काटने के बाद भी आज दिनांक तक आश्रितों को नियुक्ति नहीं दी गई है।
सिन्हा ने आगे बताया कि पूर्व मे कूल आश्रितों की संख्या 19 थी, जो बढक़र अब 23 पहुंच गई है। नगर निगम में कार्यरत कर्मचारियों की आकस्मिक निधन से कई पद खाली पड़े हुए हैं ।मृत श्रमिकों के आश्रितों को नगर निगम के अधिकारियों द्वारा कहा जा रहा है, कि पद रिक्त नहीं है, इसलिए पद सृजित करने के बाद ही आश्रितों को नियुक्त दी जा सकती है, नगर निगम के बहानेबाजी के चलते, आश्रितों के समक्ष बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न हो गई है साथ ही साथ निगम द्वारा न्याय से वंचित किया जा रहा है, जो उचित नहीं है। नगर पालिक निगम कोरबा के अधिकारी, महापौर व विधायक सहित जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि मृतक आश्रितों को तुरंत अनुकंपा नियुक्ति का आदेश जारी कर मानवता का परिचय दें ।