ोरबा। कोल सेक्टर और उद्योगों से जुड़ी कई समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री, भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन 22 मई 2020 को संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) के केंद्रीय महामंत्री कामरेड हरिद्वार सिंह, एटक, एचएमएस, इन्टक, सीटू यूनियन द्वारा एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर और सभी क्षेत्रों के सीजीएम को सौंपा गया।
भारत सरकार के मजदूर विरोधी, जन विरोधी, सार्वजानिक उपक्रम विरोधी नीतियों कामर्शियल माइनिंग, खदानों के लीज स्थानांतरण, 50 कोल ब्लॉक का आवंटन, कारपोरेट घराना को लाभ पहुंचाने का षड्यंत्र, श्रम कानून में परिवर्तन कर 12 घंटे काम की अवधि तक काम कराने के अध्यादेश तथा संस्थानों में 16 घंटे तक काम करने की बाध्यता को वापस करने, रक्षा क्षेत्र में एफडीआई 49 से 74 प्रतिशत करने के खिलाफ, 6 हवाई अड्डे बेचने के खिलाफ, प्रवासी मजदूरों को सुरक्षित सरकारी संसाधन से उनके घर पहुंचाने, रास्ते में दुर्घटना या बीमारी से मारे गए समस्त मजदूरों के परिवार को 50-50 लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की गई। कुसमुंडा क्षेत्र में यूनियन ने एपीएम पीके जैन को ज्ञापन सौंपा।