कोरबा। यहां के कलेक्टोरेट में एक महिला सहित दो लोगों को चपरासी के पद पर नौकरी लगाने के नाम से 3 लाख की ठगी करने वाले लोगों पर पुलिस ने 420 का प्रकरण दर्ज किया है। वर्ष 2016 में इस मामले में शिकायत की गई थी। 4 साल की लुकाछिपी के बाद आरोपी गिरफ्त में आये हैं।
कोरबा जिले के पाली निवासी और एसईसीएल कर्मी पंचराम कंवर की शिकायत पर यह कार्रवाई कोरिया पुलिस ने की। इस बारे में बताया गया कि पत्थलगांव और कोरिया के विजय, रमेश और सुशील नामक व्यक्ति ने पंचराम को झांसा दिया था कि सरकारी नौकरी लगाने के लिए नेटवर्क की जानकारी उनके पास है। उन्होंने कोरबा कलेक्ट्रेट में चपरासी के पद पर नौकरी लगाने का आफर दिया। उनकी बातों में आकर पंचराम ने अपने पुत्र और बहू की नौकरी के लिए 3 लाख 10 हजार रूपए ढीले कर दिए। रकम देने के बाद वह इंतजार कर रहा था कि कब नियुक्ति पत्र प्राप्त हो ताकि वह अपने घर के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी पर देख सके। काफी समय बीतने पर जब नियुक्ति पत्र नहीं आया तो इस बारे में संबंधित लोगों से बातचीत की गई। उन्होंने फिर भी टरकाना जारी रखा। रकम वापसी की बात करने पर उन्होंने धैर्य से काम लेने की सलाह दी। आखिरकार इस बारे में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। पता चलने पर आरोपी फरार हो गए। हाल में ही उनकी उपस्थित की जानकारी मिलने पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।