आदिवासी समुदायों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मिला ज्यूरी अवार्ड
जांजगीर-चांपा। न्युवोको विस्टास कॉर्प लिमिटेड, देश की प्रमुख निर्माण सामग्री निर्माताओं और खुदरा विक्रेताओं में से एक ने अपनी परियोजना ‘शिक्षित सुंदरहट्टू’ के लिए शिक्षा श्रेणी में फि क्की सीएसआर अवॉर्ड 2018-19 को फि क्की सीएसआर अवॉड्र्स के अठारहवें आयोजन में जीता। पुरस्कार समारोह 27 जुलाई 2020 को कोविड-19 के मद्देनजर वर्चुअली आयोजित किया गया था, जिसमें अनुराग ठाकुर, राज्य मंत्री, वित्त और कॉर्पोरेट अफेयर्स, भारत सरकार ने अपनी विशेष मौजूदगी दर्ज करवाई। अनुराग ठाकुर ने जॉयदीप चटर्जी, चीफ सीएसआर एंड कॉर्पोरेट अफेयर्स, न्युवोको को उनके जोजोबेरा सीमेंट प्लांट, झारखंड के पास संचालित की जा रही परियोजना शिक्षित सुंदरहट्टू के लिए अवॉर्ड देकर सम्मानित किया।
न्युवोको विस्टास कॉर्प लिमिटेड लंबे समय से स्थायी विकास और सुधार के लिए प्रतिबद्ध है, यह कंपनी के दृष्टिकोण का एक आंतरिक हिस्सा है। न्युवोको अपने पांच सीएसआर स्तंभों के माध्यम से 103 गांवों में 1,98,000 से अधिक लोगों के जीवन में बदलाव करके समाज का समर्थन करने में सक्षम है। आदिवासी समुदाय को सशक्त बनाने और जीवन यापन के तरीके को बेहतर बनाने के लिए न्युवोको का शिक्षित सुंदरहट्टू अभियान शुरू किया गया था। 10.2 करोड़ से अधिक की आबादी के साथ, भारत में दुनिया की सबसे बड़ी जनजातीय आबादी है, जो देश की कुल आबादी का 8.6 प्रतिशत है और इन आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा की कमी एक प्रमुख मुद्दा है। शिक्षा किसी भी देश के विकास के लिए प्राथमिक तत्व है। शिक्षा उन्हें जीवन की नई चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगी और उनकी वर्तमान स्थिति में सुधार करेगी। आदिवासी समुदाय को अपने अधिकारों को समझने और उनके उत्थान के लिए बनाई गई नीतियों और कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए शिक्षा की ताकत की आवश्यकता है। औपचारिक शिक्षा प्रदान करने, शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने और झारखंड में न्युवोको के जोजोबेरा सीमेंट प्लांट के पास सुंदरहट्टू और सारेनबेरा गांवों में आदिवासी आबादी के विकास में योगदान देने के लिए उनके सीएसआर अभियान साक्षर भारत के तहत वर्ष 2014 में न्युवोको के शिक्षित सुंदरहट्टू परियोजना को लागू किया गया है। इस पहल के तहत, न्युवोको ने आदिवासी आबादी को शिक्षा और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा में दाखिला देकर सशक्त बनाने के लिए बिरसा प्राथमिक विद्यालय शुरू किया। बिरसा प्रथमिक विद्यालय वर्तमान में नर्सरी से तीसरी कक्षा तक के 108 छात्रों को शिक्षित कर रहा है और 500 से अधिक आदिवासी बच्चों के जीवन को नया आकार दिया है। इससे उनकी आजीविका में भी सुधार हुआ है, क्योंकि बच्चे भी उससे पहले कूड़ा बीनने और अन्य खतरनाक गतिविधियों में शामिल थे। यह पहल एक सफलता है क्योंकि न्युवोको ने बिरसा प्रथमिक विद्यालय की स्थापना के बाद से शून्य निकासी देखी है यानि कोई भी बच्चा स्कूल छोडक़र नहीं गया है। सामाजिक रूप से जिम्मेदार कॉर्पोरेट न्युवोको की योजना विभिन्न स्थानों पर समान सरकारी स्कूलों को विकसित करके इस परियोजना को दोहराने की है। शिक्षित सुंदरहट्टू की सफलता ने संगठन को कक्षा पांच तक स्कूल का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया है। कंपनी अपने विभिन्न संयंत्रों के माध्यम से स्मार्ट क्लासेज, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, लर्निंग आवश्यक, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब आदि प्रदान करके शिक्षा में योगदान दे रही है। झारखंड के विभिन्न सरकारी स्कूलों में अब तक 35 से अधिक स्मार्ट कक्षाएं लगाई जा चुकी हैं। कंपनी ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को नए युग की शिक्षा प्रदान करने के लिए लंबे समय से प्रतिबद्ध है। उन्होंने अपने सीएसआर स्तंभ साक्षर भारत के तहत 7300 छात्रों के जीवन को प्रभावित किया है। इस जीत पर न्युवोको में सीएसआर एंड कॉर्पोरेट अफेयर्स के प्रमुख जॉयदीप चटर्जी ने कहा कि हम ग्रामीण क्षेत्रों में आदिवासी समुदायों के बच्चों के लिए एक बेहतर कल बनाने की दिशा में अपने प्रयासों की इस मान्यता से विनम्र हैं। शिक्षित सुंदरहट्टू परियोजना एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसमें आदिवासी बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा में लाने का प्रयास किया जा रहा है। हमारा उद्देश्य उन्हें शिक्षा का महत्व दिखाना और उनकी मानसिकता में बदलाव लाना है, ताकि बच्चे बेहतर भविष्य के बारे में सोच सकें। सतत विकास और सुधार न्युवोको की दृष्टि है और महिलाओं और बच्चों पर ध्यान देने के साथ गांवों का विकास हमारा प्रयास रहा है। फिक्की सीएसआर अवॉर्ड इस बात का उत्साहवर्धक सत्यापन है कि कैसे एक छोटी लेकिन सार्थक पहल महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकती है। मैं न्युवोको की पूरी टीम को बधाई देना चाहूंगा जिन्होंने इसके लिए अथक प्रयास किया है। हम उत्कृष्टता के लिए प्रयास करते हुए निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।