जांजगीर चांपा। रिश्ते में चाचा भतीजा दो युवकों ने जमीन विवाद के चलते दिनदहाड़े बीच गांव में पंच की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। इसके बाद वे गांव में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए और वहां से हाथ में हथियार लहराते हुए एक युवक ने कहा कि उसी ने हत्या की है, क्योंकि उसकी जमीन को बिकवा दिया गया मगर उसका पूरा पैसा नहीं दिया गया। अभी इसमें शामिल 4 और लोगों को भी मारेगा । सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची और दोनों आरोपितो को गिरफ्तार किया।
नवागढ़ तुस्मा गांव के पंच भागवत साहू पिता प्रेमलाल की दो युवकों सोहित कुमार केंवट पिता दुकालु केंवट और सुनील कुमार केंवट पिता महादेव केंवट ने 20 नवंबर 2021 को दिनदहाड़े दोपहर 12: 30 बजे सबरिया डेरा अटल चौक के पास जमीन विवाद को लेकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों युवक गांव की पानी टंकी में चढ़ गए थे और अपनी जमीन की समस्या का निराकरण की मांग कर रहे थे। भागवत साहू वार्ड 17 का पंच था और जमीन दलाली का भी काम करता था। तुस्मा निवासी सोहित कुमार केंवट और सुनील कुमार केंवट का जमीन को लेकर पंच भागवत साहू से विवाद था। दोनों युवकों ने शनिवार को दिनदहाड़े बीच गांव में धारदार हथियार से भागवत की हत्या कर दी। इसके बाद दोनों गांव में बनी पानी की टंकी पर हथियार लेकर चढ़ गए। सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची और शव का पंचनामा करने के बाद पीएम के लिए भेज दिया। दोनों युवकों के पानी टंकी के ऊपर चढ़े होने की जानकारी मिलते ही पुलिस माके पर पहुंची और उन्हें नीचे उतारने की कोशिश की मगर वे उतरने को तैयार नहीं थे।
दोनों युवक मीडिया वालों को बुलाने की जिद कर रहे थे। इस दौरान हाथ में धारदार हथियार लिए एक युवक ने टंकी के ऊपर चढ़कर अपना वीडियो भी बनवाया। आरोपित सोहित कुमार केंवट ने जारी वीडियो में बताया था कि पंच भागवत साहू ने उनकी जमीन को किसी के पास बेच दिया है। उस व्यक्ति ने उनके परिवार की जमीन पर घर भी बना लिया है, मगर उन्हें इसका पूरा पैसा नहीं मिला है। रुपयों को लेन देन को लेकर भागवत दो साल से परेशान कर रहा था। पैसे की मांग को लेकर बार-बार पंच भागवत साहू के च-र काट कर उनका परिवार परेशान हो गया था। इसकी वजह से उन लोगों ने पंच भागवत साहू की हत्या करने का फैसला किया और कत्ता से दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ भादिव की धारा 302, 34 के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार किया और अभियोग पत्र न्यायालय में पेश लगभग 9 माह में मामले की सुनवाई हुई और सत्र न्यायाधीश ने चाचा भतीजा को पंच की हत्या का दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। न्यायालय ने इसे जघन्य वारदात और सभ्य समाज के लिए कलंक बताया।