चंडीगढ़, 01 जुलाई [एजेंसी]।
पंजाब विधानसभा ने केंद्र की सशस्त्र बलों में भर्ती की नई योजना अग्निपथ के खिलाफ गुरुवार को एक प्रस्ताव पारित किया। इसी बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान सामने आया।
जिसमें उन्होंने अग्निपथ योजना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मिलने की बात की। दरअसल, अग्निपथ को लेकर देशभर में जमकर बवाल हुआ था, सबसे ज्यादा उपद्रव बिहार और उत्तर प्रदेश में दिखाई दिया था। समाचार एजेंसी के मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अग्निपथ योजना को लेकर मैं पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलूंगा। युवाओं के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए कि उन्हें 4 साल काम पर लगाया जाए और फिर सेवानिवृत्त कर दिया जाए। इसके साथ ही भगवंत मान ने विधानसभा उपाध्यक्ष की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जय कृष्ण सिंह रौरी को विधानसभा का उपाध्यक्ष चुना गया। विपक्षी दलों ने हमारे बजट पर सवाल उठाने की जरूरत नहीं समझी। आपको बता दें कि विधानसभा में मुख्यमंत्री ने अग्निपथ योजना के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया। जिसका भाजपा के दो विधायकों अश्विनी शर्मा और जांगी लाल महाजन ने विरोध किया। प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना देश के युवाओं के विरुद्ध है। इस दौरान सत्तारूढ़ दल को कांग्रेस और अकाली दल का भी साथ मिला। विपक्ष के नेता और कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह बाजवा ने मांग की कि अग्निपथ योजना वापस लिया जाए।