हसौद। स्कूलों में शिक्षकों द्वारा बच्चों को नैतिकता का पाठ सिखाकर उन्हें सद्भाव व सच्चाई के मार्ग पर चलकर देश का भविष्य सुधारने की सीख जाती है, मगर यदि शिक्षक ही धोखाधड़ी कर फर्जी हस्ताक्षर करे तो स्कूल में पढऩे वालों का भविष्य कहां तक उज्जवल होगा इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। जैजैपुर ब्लाक अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक स्कूल नरियरा में पदस्थ शिक्षक सनत कश्यप की पत्नी ग्राम पंचायत कैथा की रोजागार सहायक है। यहां जिम्मेदार शिक्षक अपनी पत्नी की जगह पंचायत में चल रहे कामकाज की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। वे रोजाना पत्नी की जगह फर्जी हस्ताक्षर कर मौके पर मस्टररोल भरकर बकायदा नापजोख करते हैं।
लॉकडाउन के दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा लगातार विभिन्न योजनाओं को क्रियान्वयन किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों को आर्थिक संकट से जूझना न पड़े। वहीं केन्द्र सरकार द्वारा ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सभी पंचायतों में बड़ी संख्या में कार्य कराए जाने की स्वीकृति देकर काम लिया जा रहा है, मगर पंचायत प्रतिनिधियों व कर्मचारियों की उदासीनता के चलते ग्रामीणों तक शासन की योजनाएं सही ढंग से नहीं पहुंच पा रही है। जैजैपुर ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत कैथा में रूबी कश्यप पति सनत कश्यप रोजगार सहायक है। यहां उनके पति सनत कश्यप मालखरौदा ब्लाक अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक स्कूल नरियरा में शिक्षक हैं, मगर शिक्षक होने के बाद भी वे स्कूल की छुट्टियों में पत्नी के कार्यों की जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं, जबकि उनकी पत्नी घर कार्य संभाल रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत कैथा के सोलाही डबरी में मनरेगा का कार्य प्रारंभ किया गया है। रोजगार सहायक के पति सनत कश्यप शिक्षक होते हुए भी रोजगार गारंटी योजना के तहत चल रहे कार्य स्थल पर पत्नी की जगह स्वयं कार्य संभालने जाते हैं और सभी कार्य शिक्षक के द्वारा ही किया जाता है। कार्यस्थल पर शिक्षक की खूब मनमर्जी चलती है ग्रामीणों द्वारा इसका विरोध करने व रोजागार सहायक के माध्यम से कार्य कराए जाने की बात कहे जाने पर शिक्षक द्वारा रोजगार सहायक पति होने का हवाला देते हुए उनसे दुर्व्यवहार किया जाता है। ग्राम पंचायत कैथा के सोलाही डबरी में 20 मई को मनरेगा का कार्य जारी था। इसी दौरान गड्ढा नापने का कार्य चल रहा था। इस दौरान रोजगार सहायक रूबी कश्यप वहां से गायब थी और रोजगार सहायक का पति शिक्षक सनत कश्यप काम करने वाले मजदूरों के जॉब कॉर्ड में बकायदा पत्नी रूबी कश्यप का फर्जी हस्ताक्षर करते रहे। जिसकी तस्वीर कैमरे में कैद हो गई, यहाँ तक की मस्टररोल में भी पति के द्वारा ही हस्ताक्षर किया जाता है। इस तरह से अपने कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले शिक्षक के ऊपर और रोजगार सहायिका के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
बिना मास्क सैनिटाइजर का चल रहा काम
आज विश्व महामारी कोरोना वायरस से जूझ रहा है। केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा ग्रामीणों को गांव में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पंचायतों में शत प्रतिशत काम प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया है। यहां अधिकारियों द्वारा पंचायतों के लिए आबंटित चौदहवें वित्त की राशि का उपयोग कर कार्यस्थल पर फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क, सैनिटाइजर का उपयोग करते हुए ग्रामीणोंं से कार्य लिए जाने आदेश जारी किया गया है, मगर पंचायत प्रतिनिधियों व कर्मचारियों के मनमाने रवैये के चलते मजदूरों को न तो मास्क उपलब्ध कराया जा रहा है और न ही उन्हें सेनिटाइजर दिया जा रहा है। यहां विभागीय उदासीनता के चलते संक्रमण फैलने का खतरा भी बढऩे लगा है। शासन के निर्देशानुसार पंचायतों में होने वाले कार्यों के लिए कार्य प्रारंभ होने के पूर्व कार्य में सामान की लागत, मजूदरों की मजदूरी सहित सभी सरपंच, रोजगार सहायक सहित सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों का नाम व नंबर दर्शाया जाता है, मगर ग्राम पंचायत कैथा में रोजगार गारंटी का कार्य लगभग 1 सप्ताह से जारी है, लेकिन रोजगार सहायिका द्वारा शासन के नियमों की धज्जिायां उड़ाते हुए कार्य कराया जा रही है। यहां एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद भी कार्य स्थल पर बोर्ड नहीं लगाया गया है। साथ ही कार्यस्थल पर न तो मजदूरों के लिए छायादार जगह की व्यवस्था की गई और न ही पानी की उचित व्यवस्था है। ऐसे में ग्रामीणों को पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है।
इस संबंध में शिकायत मिली है। सीईओ को शिकायत की जांच करने का निर्देश दिया गया है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
तीर्थराज अग्रवाल, सीईओ, जिला पंचायत