कोरबा। परिवार परामर्श केंद्र कोरबा के काउंसलर सदस्यों की समझाईश के परिणाम स्वरूप नवविवाहिता दंपत्ति का रिश्ता टूटने से बच गया। वहीं इनके विवाद में पिस रही 9 माह की दुधमूही बच्ची मिशिका दीवान को भी मां-बाप के संयुक्त स्नेह का लाभ मयस्सर हो गया।
पंपहाऊस बस्ती वार्ड क्र.14 निवासी आरती दास दीवान उर्फ रानू दीवान पिता मनीदास दीवान नामक युवक की शादी बलौदाबाजार जिले के भटगांव थाना उमेंदगंज थाना निवासी सहनूदास दीवान की पुत्री नंदनीदास दीवान के साथ 30 अप्रैल 2015 को सामाजिक रीतिरिवाज के अनुसार हुई थी। शादी के बाद नंदनी अपने ससुराल में रह रही थी। विगत कुछ माह पूर्व इनके मध्य कुछ रिश्तेदारों के द्वारा मंथरा का किरदार निभाये जाने के कारण आपस में विवाद उत्पन्न हो गया था। जिसके परिणाम स्वरूप दंपत्ति का मामला सीएसईबी पुलिस के समक्ष भी संज्ञान में लाया गया था। सीएसईबी चौकी प्रभारी जितेंद्र सिंह यादव ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए दोनों दंपत्ति को आपस में कोई ठोस निर्णय लेने के लिए उन्हें परिवार परामर्श केंद्र जाने के लिए प्रकरण को रेफर कर दिया। बताया जाता है कि परिवार परामर्श केंद्र के काऊंसलर जुरी के समक्ष दोनों के बयान एवं उनके पालको की भी राय सामने आयी। जिसके बाद परिवार परामर्श केंद्र के काऊंसलरों के द्वारा समझाईश दिये जाने पर आरती दास दीवान एवं उसकी पत्नी नंदनीदास दीवान ने विगत कुछ दिनों पूर्व के कड़वें अनुभव को भूलाकर एक साथ रहने के लिए तैयार हो गये और वहां से लिखित आश्वासन देकर अपने-अपने पालकों के साथ विगत 20 फरवरी को घर पहुंचे। उन दोनों के इस फैसले से सबसे ज्यादा खुशी उनकी मासूम 9 माह की बच्ची को हुई है। क्योंकि वहीं इनके आपसी कड़वाहट के कारण माता-पिता के संयुक्त स्नेह के छांव से वंचित हो रही थी।