कोरबा। जिले में नगर पंचायत छुरी के प्रेसीडेंट एण्ड काउंसिल से दो सदस्यों का मोहभंग हो गया है। उन्होंने बुधवार को इस्तीफा दे दिया। सीएमओ के पास दोनों के इस्तीफे पहुंच गए हैं। दावा किया जा रहा है कि दोनों में इस्तीफा का कारण नहीं दर्शाया गया है।
पिछले चुनाव में नगर पंचायत छुरी में बहुमत के आधार पर कांग्रेस की नीलम देवांगन अध्यक्ष और भाजपा के हीरानंद उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। प्रक्रियाओं के तहत अध्यक्ष ने पीआईसी का गठन किया। कामकाज में आसानी और समन्वय के लिए चार पार्षद इसमें शामिल किये गए। इनमें से निर्दलीय तीरथराम गोंड़ और भाजपा के शेषवन गोस्वामी 24 घंटे पहले इस्तीफा दे दिया। इसके साथ कई प्रकार की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
कांग्रेस शाषित नगर पंचायत छूरीकला में अलग-अलग कारणों से विवाद की स्थिति बनी हुई है। इसी चक्कर में पूर्व में एक इंजीनियर पर कार्रवाई की गाज गिर गई। मौजूदा इस्तीफा घटनाक्रम को लेकर कहा जा रहा है कि अध्यक्ष की मनमानी से त्रस्त होकर दो पार्षदों ने पीआईसी से अलग कर लिया। सूचनाएं मिली हैं कि कई मौकों पर होने वाली बैठकों से पहले एजेंडा कुछ होता है और बाद में उसकी तस्वीर बदल जाती है। इसे लेकर पार्षदों में खुन्नस होना स्वाभाविक है और इसीलिए जुलाई के महीने में विपक्ष ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए एसडीएम को आवेदन दे दिया। नियमानुसार इस पर 25 दिन के भीतर कार्रवाई की जानी थी लेकिन मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
विवेकाधिकार का विषय
अध्यक्ष पति ने बताया कि पीआईसी से दो सदस्यों द्वारा दिया गया इस्तीफा सीएमओ के पास पहुंचा है। हमारे पास इसकी कापी नहीं आयी है। ऐसे मामले में इस्तीफा को स्वीकार करने अथवा नहीं करने का मामला विवेकाधिकार का विषय है।