नईदिल्ली, ३० जून [एजेंसी]।
भारत और चीन के बीच लद्दाख में सीमा पर तनाव लगातार बढ़ रहा है और खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. दोनों देशों के बीच चार प्वाइंट्स पर सेना को पीछे हटाने पर बात चल रही है. एक तरफ तो चुशूल में दोनों देशों की सेनाओं के कमांडर मिल रहे हैं, लेकिन इससे इतर रु्रष्ट के दोनों ओर पिछले तीन दिनों में सेना की मौजूदगी बढ़ गई है.
लगातार सैनिकों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो तनाव की स्थिति को दर्शाती है. इस बात की पुष्टि करता है कि भारतीय सेना ने अपनी मौजूदगी को काफी हद तक मजबूत कर लिया है, इसके अलावा चीनी सेना की ओर से भी फिंगर इलाके, पैंगोंग झील इलाके में भी अपनी मौजूदगी को बढ़ाया गया है. बीते दिन फिंगर 4 को लेकर दोनों देशों की सेनाओं में बात हुई थी. फिंगर 4 को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है, क्योंकि यहां पर अब चीनी सेना ने अपना कब्जा जमा लिया है.
चीनी सेना यहां से पीछे नहीं जा रही है, जबकि ये पहले दोनों देशों के लिए पेट्रोलिंग प्वाइंट था.चीनी सेना की ओर से लगातार फिंगर 4 पर सख्ती बरती जा रही है, उसकी कोशिश तो थी कि वो और भी आगे आए, लेकिन भारतीय सेना की तैयारी को देखकर वो इसकी हिम्मत नहीं कर पाए.इसके अलावा जिन तीन इलाकों में विवाद हो रहा है, उसमें गलवान घाटी का पेट्रोल प्वाइंट 14 इलाका है, जहां पर झड़प हुई थी, साथ ही पेट्रोल प्वाइंट 15, 17्र पर विवाद जारी है.
पैंगोंग झील के मुकाबले इन इलाकों में हालात कम तनावपूर्ण हैं, लेकिन खतरा लगातार बना हुआ है और भारतीय सेना की तैयारी भी पूरी है. अभी ताज़ा बातचीत से जो मुख्य बातें सामने आई हैं, उनके अनुसार अभी तक ये तय नहीं हो पाया है कि दोनों सेनाएं मौजूदा जगह से पीछे कैसे हटेंगी. साथ ही क्योंकि दोनों सेनाओं की ओर से पीछे हटने की अपनी-अपनी शर्तें रखी जा रही हैं, ऐसे में एक साथ बात आगे नहीं बढ़ रही है. कुछ मौकों पर कभी सैनिकों की संख्या में कमी भी देखी गई है, जो पेट्रोल प्वाइंट 14 इलाके में है.