नईदिल्ली I सेना में भर्ती के लिए लागू की गई केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना अब सरकार के गले की फांस बनती नजर आ रही है. देशभर में युवा इस स्कीम के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों पर उतर आए हैं. इस बीच विपक्ष भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने को कोई मौका नहीं छोड़ रही. शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इस स्कीम को लेकर पीएम पर तंज किया है कि देश की जनता क्या चाहती है इससे प्रधानमंत्री को कोई मतलब नहीं है, क्योंकि उन्हें अपने दोस्तों की आवाज के अलावा कुछ सुनाई नहीं देता है. अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि देश के बेरोजगार युवाओं की आवाज सुनिए प्रधानमंत्री जी, इन्हें अग्निपथ पर चला कर इनके सयंम की अग्निपरीक्षा मत लिजिए. उधर कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार से इस स्कीम को वापस लेने की मांग की है.

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला

सेना के तीनों अंगों में भर्ती के लिए लाई गई नई “अग्निपथ” स्कीम को लेकर कांग्रेसी (Congress) नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने ट्वीट किया, “अग्निपथ – नौजवानों ने नकारा, कृषि कानून – किसानों ने नकारा, नोटबंदी – अर्थशास्त्रियों ने नकारा, जीएसटी – व्यापारियों ने नकारा.” राहुल गांधी ने पीएम पर आरोप लगाया, ” देश की जनता क्या चाहती है, ये बात प्रधानमंत्री नहीं समझते क्यूंकि उन्हें अपने ‘मित्रों’ की आवाज़ के अलावा कुछ सुनाई नहीं देता.

कांग्रेसी नेता राहुल ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा, “न कोई रैंक, न कोई पेंशन, न 2 साल से कोई direct भर्ती, न 4 साल के बाद स्थिर भविष्य, न सरकार का सेना के प्रति सम्मान, देश के बेरोज़गार युवाओं की आवाज़ सुनिए, इन्हे ‘अग्निपथ’ पर चला कर इनके संयम की ‘अग्निपरीक्षा’ मत लीजिए, प्रधानमंत्री जी!”

कांग्रेस की महासचिव भी हुईं सरकार पर हमलावर

उधर दूसरी तरफ कांग्रसी नेता प्रियंका गांधी भी अग्निपथ योजना को लेकर सरकार पर हमला बोल रही हैं. उन्होंने इस योजना को तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाने की मांग की है. कांग्रेस पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट किया, “24 घंटे भी नहीं बीते कि भाजपा सरकार को नयी आर्मी भर्ती का नियम बदलना पड़ा. मतलब, योजना जल्दबाजी में युवाओं पर थोपी जा रही है.” उन्होंने कहा, नरेंद्र मोदी जी, इस योजना को तुरंत वापस लीजिए, वायुसेना की रुकी भर्तियों में नियुक्ति और परिणाम दीजिए. सेना भर्ती को (आयु में छूट देकर) पहले की तरह कीजिए.”

गौरतलब है कि सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में खासा बदलाव करते हुए तीनों सेनाओं में सैनिकों की भर्ती संबंधी ‘अग्निपथ’ योजना का मंगलवार को ऐलान किया था, इसके तहत सैनिकों की भर्ती चार साल की अवधि के लिए संविदा आधार पर की जाएगी.

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