
यरूशलम, २० नवंबर । इस्राइल व हमास के बीच बंधकों की रिहाई के लिए चल रही वार्ता किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई। अमेरिकी मध्यस्थों की पहल पर हो रही इस वार्ता में गाजा में पांच दिनों के युद्धविराम के बदले हमास की तरफ से बंधक बनाई गईं दर्जनों महिलाओं व बच्चों की रिहाई की शर्त रखी गई थी। व्हाइट हाउस ने भी इसकी पुष्टि की है। वहीं, फलस्तीनी स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि मध्य गाजा के संकरे तटीय परिक्षेत्र में इस्राइली हवाई हमले के दौरान दो स्थानीय पत्रकारों समेत 31 लोग मारे गए। ये हमले शनिवार देर रात ब्यूरिज व नुसीरत शरणार्थी शिविर के कई मकानों पर हुए। वहीं, जबालिया शिविर में हुए हमलों में 11 फलस्तीनियों की मौत हो गई। दूसरी तरफ, वार्ता में शामिल कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी ने दोहा में दावा किया कि वार्ता की बाधाएं बहुत मामूली हैं, जिनमें मुख्य रूप से व्यावहारिक व तार्किक मुद्दे शामिल हैं। इन्हें जल्द दूर कर लिया जाएगा। 240 बंधकों की रिहाई को लेकर वार्ता ऐसे दौर में हो रही है, जब इस्राइल ने गाजा के सघन आबादी वाले दक्षिणी क्षेत्र में हवाई हमले तेज कर दिए हैं। इनमें दर्जनों फलस्तीनी व दो स्कूलों में शरण लेने वाले आम नागरिक मारे गए। इस्राइली हमले की जद में गाजा में संयुक्त राष्ट्र की तरफ से संचालित एक स्कूल के भी आने की सूचना है। इस्राइली सेना ने वेस्ट बैंक के जेनिन व बलाता शरणार्थी शिविर में ब्रिगेड स्तर की दो छापेमारियां कीं।



























