1 अप्रैल की सुबह आम आदमी के लिए राहत देने वाली खबर आई। केंद्र सरकार ने छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कटौती का फैसला वापस ले लिया। चंद घंटों पहले ही फैसला हुआ था कि लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) और राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र समेत बचत योजनाओं के ब्याज दरों में कटौती की जाएंगी। यह कटौती गुरुवार, 1 अप्रैल से शुरू 2021-22 वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए की गई थी। 1 अप्रैल की सुबह केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर जानकारी दी कि छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कमी नहीं की गई है। इस संबंध में आदेश वापस ले लिया गया है। इससे पहले बुधवार को वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर जानकारी दी थी कि पीपीएफ खाते पर ब्याज 0.7 प्रतिशत कम कर 6.4 कर दिया गया है। वहीं एनएसससी पर 0.9 प्रतिशत घटाकर 5.9 प्रतिशत कर दी गई है।

फैसला वापस होने से वरिष्ठ नागरिकों को भी राहत मिली है। क्योंकि अधिसूचना में कहा गया था कि वित्तवर्ष 2021-22 की पहली तिमाही अप्रैल-जून अवधि के लिए लघु सेविंग योजनाओं पर ब्याज दरों में बदलाव किया गया है। सीनियर सिटीजन सेविंग योजना पर ब्याज दर 0.9 प्रतिशत से घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दी गई थी। इस योजना में ब्याज तिमाही आधार पर दिया जाता है। वहीं बचत खाते में जमा पैसे पर ब्याज 3.5 प्रतिशत कर दिया था। अब तक जमा रकम पर 4 प्रतिशत ब्याज मिलता था।

सुकन्या समृद्धि योजना में भी सरकार ने कटौती की गई थी। अब ब्याज पहली तिमाही के लिए 6.9 प्रतिशत कर दिया गया था। पहले यह 7.6 प्रतिशत थी। किसान विकास पत्र पर सालाना ब्याज 6.9 प्रतिशत था। जिसे 0.7% कम कर 6.2 प्रतिशत कर दिया था।

ब्याज में अधिक 1.1 प्रतिशत की कटौती एक वर्ष की जमा रकम पर हुई थी। पहले 5.5 प्रतिशत ब्याज मिलता था, जिसकी जगह पर 4.4% मिलना था। दो साल के लिए जमा राशि पर ब्याज 0.5% घटाकर 5.0 प्रतिशत कर दिया गया था। वहीं तीन वर्ष की अवधि पर ब्याज 5.5 प्रतिशत से घटाकर 5.1% कर दिया गया था। पांच साल के लिए जमा पर पहले 6.7 प्रतिशत ब्याज मिलता था।