
कोरबा। शिक्षा सत्र 2024-25 की कक्षाएं एक अप्रैल से केन्द्रीय विद्यालय संगठन द्वारा संचालित केन्द्रीय विद्यालयों में शुरू हो जाएंगी। स्कूल प्रबंधन भी छात्रों के साथ उनके अभिभावकों को मैसेज के माध्यम से जानकारी दे दिए हैं। स्कूल प्रबंधन बच्चों को किताब और कॉपी के साथ स्कूल आने कह रहे हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अगली कक्षा में जाने वाले छात्रों की किताबें एनसीईआरटी से प्रकाशित होकर बाजार तक पहुंच ही नहीं सकी हैं। ऐसे में छात्रों के साथ उनके अभिभावक भी परेशान हैं। उनका कहना है कि एक तरफ प्रबंधन स्कूल बुला रहा तो दूसरी ओर बच्चों की किताबें बाजार में ही उपलब्ध नहीं हैं। किताब दुकान संचालकों का कहना है कि एनसीईआरटी की नई बुक आने में कम से कम दो माह का समय लग सकता है, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय विद्यालय संगठन एनसीईआरटी दिल्ली से प्रकाशित कक्षा वार पुस्तकों का प्रकाशन करता है, जिसे एनसीईआरटी छत्तीसगढ़ द्वारा कोरबा समेत अन्य जिलों में लागू किया जाता है। इन किताबों की कीमत कम होने के साथ छात्रों और उनके अभिभावकों पर पडऩे वाला बोझ कम होता है। स्कूल प्रबंधन की मानें तो नए सत्र के लिए किताबों का सिलेबस बदल गया है, जिसके कारण उनकी प्रिंटिंग में समय लग रहा है।














