
कोरबा। प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री ओम प्रकाश चौधरी ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के लिए वर्ष 2025 का आम बजट पेश किया। सरकार को अनुमान है कि सभी प्रकार के स्रोत से इस वित्त वर्ष में 1.65 लाख करोड़ की प्राप्ति हो सकती है जबकि इसकी तुलना में खर्च कम संभावित है। पहले की तरह इस बार भी कई घोषणाएं की गई है। अलग-अलग वर्ग के लोगों से कोरबा में बात की गई। उन्होंने बजट को लेकर अपना दृष्टिकोण रखा और यह भी कहा कि जो घोषणाएं बजट में की गई है, वह जमीन पर कब उतरेंगी इसका इंतजार तो जरूर करना होगा।
आयुष मंत्रालय की स्थापना पर हो काम
आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में लंबे समय से कम कर रहे हैं डॉक्टर नागेंद्र नारायण शर्मा ने कहा कि इस बार भी प्रदेश के एकमात्र आयुर्वेद शासकीय कॉलेज को मजबूत करने की बात कही गई है। राज्य स्तर पर चार योग केंद्र की घोषणा की गई है। जरूरत इस बात की है कि आयुष मंत्रालय की स्थापना करने के साथ प्रतिनिधित्व करने का अवसर दिया जाना चाहिए था। एलोपैथी के लिए काम करने वाले वर्ग को जिस प्रकार से सुविधा दी जा रही है, उस मामले में आयुष प्रैक्टिशनर के लिए कुछ है नहीं। काफी समय से इसे लेकर मांग की जा रही है लेकिन अनसुना किया जा रहा है। संविदा पर आयुष के लोग आखिर कब तक काम करते रहेंगे उनके बारे में विचार होना चाहिए। आयुष चिकित्सक के साथ-साथ योग के लिए काम करने वाला वर्ग सरकार से संवेदनशील रवैया दिखाने की अपेक्षा करता है।
सरकारी नर्सिंग कॉलेज से मिलेगी सहूलियत
नगर पंचायत छुरीकला की अध्यक्ष पद्मिनी प्रीतम देवांगन ने प्रदेश सरकार के द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट की यह कहकर प्रशंसा की है कि इसमें सभी वर्ग और क्षेत्र को ध्यान में रखा गया है। महतारी वंदन को लेकर नए प्रावधान किये गए है। यानी इसमें संभावनाओं के रास्ते बरकरार हैं। चिकित्सा क्षेत्र से संबंधित विद्यार्थियों की प्रतिभा को तराशने के लिए कोरबा जिले में एक सरकारी नर्सिंग कॉलेज की घोषणा को अच्छा कदम कहा जा सकता है। इसकी स्थापना होने से नर्सिंग की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को दूसरी जगह नहीं जाना पड़ेगा और उनकी आर्थिक बचत हो सकेगी। पद्मिनी ने कहा कि यह बजट सर्व समावेशी और सर्वस्पर्शी भी है। विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार का प्रदर्शन उत्साहजनक है और उससे नागरिकों को भविष्य की कई अपेक्षाएं भी है।
क्या समय पर बन भी सकेगी फोरलेन सडक़
एटक नेता दीपेश मिश्रा ने कहा की प्रदेश सरकार का बजट घोषणाओं पर टिका हुआ है। धरातल पर घोषणाओं को उतरने की इच्छा शक्ति का प्रदर्शन भी होना चाहिए। कोरबा जिले के कोयलाआंचल दीपिका तक के लिए फोरलेन सडक़ की घोषणा की गई है। कुष्मांडा क्षेत्र मैं साउथ ईस्टर्न कोलफील्डस लिमिटेड के द्वारा 200 करोड रुपए कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी से दिए गए थे इसके बावजूद अब तक कामकाज की रफ्तार किसी से छिपी नहीं है। ऐसी स्थिति में कोरबा दीपिका फोरलेन सडक़ की घोषणा और उस पर क्रियान्वयन अगर हो जाए तो यह अपने आप में बड़ी बात होगी। सरकार का फोकस इस बात पर होना चाहिए की शिक्षा क्षेत्र को आखिर किस प्रकार से मजबूत किया जाए।
पर्यटन विकास को बढ़ावा देने पर विचार हो
युवा व्यवसाई व रेल संघर्ष समिति कोरबा के सदस्य अंकित सावलानी में बताया बताया की छत्तीसगढ़ वितीय बजट का$फी हद तक संतुष्टि जनक है। कुछ विशेष उम्मीद लंबे समय से पूरी नहीं हो रही जिसमे कोरबा को अलग से कोई फण्ड की सौ$गात नहीं मिली। कोरबा का विकास लंबे समय से थम सा गया है। इलेक्ट्रिक गाड़ी को बढ़ावा देने हेतु राज्य द्वारा सब्सिडी बढ़ाना चाहिए,कोरबा में हवाई सेवा को शुरू करने बड़े फण्ड की आवश्यकता है। सतरेंगा व बुका को जोड़ कर राष्ट्रीय वाटर पार्क के तर्ज पर बनाया जाना चाहिए। इससे पर्यटकों के बीच कोरबा छत्तीसगढ़ का विकास होगा। व्यसाय को कम दर पर लोन की सुविधा ताकि व्यवसायी अपने व्यवसाय का विकास कर सके,60 वर्ष से ऊपर के व्यवसायों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पेंशन योजना देने की जरूरत है।

























