
कोरबा। काफी समय तक गड्ढों के चलते लोगों की परेशानी का कारण बनी सडक़ें अब बारिश के मौसम में उखडऩे के साथ मुश्किलें बढ़ा रही है। शहरी क्षेत्र की मुख्य सडक़ों की दुर्दशा के चलते नागरिक परेशान है। इन रास्तों से आवाजाही के दौरान बड़ी मात्रा में धूल का प्रवेश आसपास के इलाके में हो रहा है। ऐसे में लोगों को साफ-सफाई पर अधिक समय जाया करना पड़ रहा है। बालकोनगर से लेकर आईटीआई चौक, कोसाबाड़ी, सीएसईबी कालोनी, घण्टाघर, निहारिका, टीपी नगर और पावरहाउस रोड से लेकर मुख्य मार्ग तक सडक़ों की दुर्गति की कहानी लगभग एक जैसी है। इन सडक़ों का सुधार कार्य कुछ महीने पहले ही लाखों रूपये खर्च करने के साथ नगर निगम ने कराया था। उम्मीद की जा रही थी कि इस काम से सडक़ अधिक समय तक टिक सकेगी और लोगों को सहुलियत देगी। लेकिन बहुत कम समय में ही सडक़ विकास से संबंधित सच सामने आ गया। बारिश के शुरू से अब तक के दौर में सडक़ों का सुधार जिस तरीके से किया गया था, उसकी उपर की परत पूरी तरह से उखड़ रही है और हवा के संपर्क में आने के साथ आसपास के वातावरण को प्रभावित कर रही है। इस स्थिति में सडक़ों से आवागमन करने वाला वर्ग मुश्किल में है।
प्रभावित इलाके में इन सब कारणों से असीमित समस्याएं है। इन रास्तों पर व्यवसाय करने वाले और निवासरत लोगों ने बताया कि सडक़ के उखडऩे के चक्कर में समस्याएं बढ़ गई है। बारिश होने तक हालात ठीक ठाक थे। अब हो यह रहा है कि उखड़ी हुई सडक़ की जीरा गिट्टी से लेकर डस्ट हवा के दबाव में उड़ते हुए दुकानों और मकानों में प्रवेश कर रह रही है। दिनभर में 4-5 बार सफाई कार्य करने की मजबूरी उनके सामने है।
संबंधित ठेकेदार को नोटिस
सडक़ों का निर्माण 3 वर्ष पहले नगर निगम ने कराया था। इस काम को करने वाले ठेकेदार के साथ जो अनुबंध हुए थे, उसके हिसाब से सडक़ की गुणवत्ता बाधित हुई। निगम ने इस मामले में ठेकेदार को नोटिस जारी किया था। यह प्रकरण कोर्ट में रहें। फिलहाल कोरबा में सडक़ों की स्थिति और लोगों को राहत कब तक मिल सकेगी, ऐसा कहना जल्दबाजी होगी।
एम.के. वर्मा, एसई, नगर निगम

























