कोरबा जिला पुलिस बल में कार्यरत एक आरक्षक के द्वारा शादी का झांसा देकर संबंध बनाने और फिर बतौर पत्नी रखने के बाद गर्भवती होने पर मारपीट कर छोड़ देने के मामले में पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरक्षक के विरुद्ध अपराध तो पंजीबद्ध कर लिया है किंतु उसकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। इस बीच पीड़िता के द्वारा उसकी गिरफ्तारी की मांग करने के साथ ही दूसरे-दूसरे नंबर से फोन कर कई लोगों के द्वारा गलत-गलत मैसेज भेजने और परेशान करने की शिकायत रामपुर पुलिस चौकी में की गई। इन लोगों के द्वारा कई तरह से धमकी भी पीड़िता को दी जा रही है।अपने साथ कोई भी अनहोनी होने की आशंका व्यक्त करते हुए पीड़िता ने पिछले दिनों एक लिखित शिकायत रामपुर चौकी में सौंपी। दूसरी ओर इस मामले में आरक्षक क्रमांक 607 योगेश्वर पाल यादव के विरुद्ध धारा 376 भादवि के तहत रामपुर पुलिस चौकी में पूर्व में ही अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है। बलात्कार के आरोपी आरक्षक को जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा ने आदेश जारी कर निलंबित कर दिया है। इसकी पुष्टि करते हुए रक्षित निरीक्षक संजय साहू ने बताया कि 14 अक्टूबर को जारी इस आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में आरक्षक योगेश्वर पाल यादव का मुख्यालय रक्षित केंद्र कोरबा में होगा। आरोपी की गिरफ्तारी के मामले में रामपुर चौकी प्रभारी निरीक्षक पौरूष पुर्रे का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी अभी नहीं हो सकी है, उसकी तलाश की जा रही है। दूसरी ओर इस मामले में पीड़िता का कहना है कि आरोपी के गिरफ्तार नहीं होने से उसका मनोबल बढ़ा हुआ है और वह दूसरों के माध्यम से उसे तरह-तरह से परेशान करने की कोशिशें लगातार कर रहा है।