जांजगीर-चाम्पा। जिला मुख्यालय को जोडऩे वाली बलौदा से नैला जांजगीर सड़क की हालत खस्ता हो गई है। सड़क में जगह जगह जानलेवा गड्ढे हो गए है, जिसके कारण इस मार्ग में आवागमन करने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग में ग्राम जावलपुर, जर्वे, सिवनी, कन्हाईबंद, रेलवे ओह्वरब्रिज सभी जगह पर सड़क बड़े बड़े गड्ढों में तब्दील हो गया है। जिसके कारण लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही है। जर्वे के पास हसदेव नहर का पुलिया बहुत ही जर्जर हो गया है। पुल के ऊपर बड़े – बड़े गड्ढे बन गए हैं जिस पर पानी भरा रहता है। इस पुल को वाहन चालक जान जोखिम में लेकर पार करते हैं। जर्जर होने के कारण वाहन चालकों को दि-तों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर छोटे चार पहिया वाहन कार, आटो और बाइक सवार जान जोखिम में डालकर सफर करते हैं। गड्ढों की वजह से वाहन के पलटने का डर बना रहता है। कलेक्टर के निर्देश के बाद भी जर्जर सड़क की मरम्मत करने विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शायद विभाग को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार है। इस मार्ग में कोलवाशरी की बड़ी-बड़ी गाडिय़ां चलती है। ये गाडिय़ां कोयला लेकर नैला रेलवे साइडिंग आती जाती है। इस गाडिय़ों की आवाजाही से लोग परेशान तो है ही ऊपर से इस सड़क के गड्ढे लोगों को अलग परेशान कर रहे हैं। इन गड्ढे से आएदिन लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोगों का जिला मुख्यालय आना जाना लगा रहता है। सड़क की खस्ता हाल से लोगों में भारी आक्रोश है।
पुल में रेलिंग नहीं होने से हो सकता है हादसा
बलौदा-जांजगीर मार्ग में जर्वे के पास स्थित नहर पुल काफी जर्जर हो गया है। इस पुल के दोनों तरफ के हिस्से का आधा रेलिंग भी टूट चुका है। वहीं अभी वर्तमान में नहर में पानी भी पाटोपाट बह रहा है। नहर में पानी का बहाव तेज गति से हो रहा है। ऐसे में यदि कोई वाहन चालक पुल को पार करने के दौरान नहर में गिर गया तो उसकी जान पर आ सकती है। नहर पुल की मरम्मत के तरफ न तो विभाग द्वारा कोई ध्यान दिया जा रहा है और न ही प्रशासन कोई पहल कर रही है। नहर पुल के पास बिजली की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में रात में अंधेरा होने पर नहर पुल को पार करना और दुस्कर हो जाता है। हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।
परिवार की हो गई थी जलसमाधि
करीब आठ – दस साल पहले लक्षनपुर चांपा के साईं मंदिर के पास रेलिंग विहीन पुल से एक कार नीचे गिर गई थी। इस हादसे में कार में सवार पति- पत्नी और दो बच्चों सहित चार लोगों की जलसमाधि हुई थी। इस हादसे के बाद विभाग के अधिकारी नींद से जागे थे और पुल में रेलिंग लगाया गया था। लेकिन वर्तमान में विभाग के साथ- साथ प्रशासन के अधिकारी भी लापरवाह हो गए हैं और रेलिंग विहीन पुलों में रेलिंग लगाने के तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शायद प्रशासन और विभाग को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार है।

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