बहराइच में ‘सरदार’ भेडि़ए की तलाश, मादा के पकड़े जाने पर चकमा देकर हुआ था फरार

महसी-बहराइच, १२ सितम्बर ।
घाघरा के कछार से सटे गांवों में भेडिय़ा दस लोगों को अपना शिकार बना चुका है। 39 लोग घायल हुए। पांच भेडि़ए पकड़े गए। वन विभाग का दावा है कि कुनबे का सरदार ‘अल्फा’ भेडिय़ा अभी पकड़ा जाना शेष है। उसकी तलाश में सर्च अभियान तेज कर दिया है, बावजूद इसके एक ही रात में कई स्थानों पर हो रहे हमले उनके दावे को कमजोर कर रहे हैं। ग्रामीण भेडिय़ों की संख्या को लेकर अनिश्चितता जता रहे हैं।वन विभाग का दावा है कि बीते दिनों सर्च अभियान के दौरान थर्मल ड्रोन में दिखाई पड़े। अब तक पांच भेडि़ए पकड़े जा चुके हैं। सोमवार को हरिबक्श पुरवा गांव के निकट जब पांचवां भेडिय़ा जाल फंसी तो कुनबे का सरदार छठा भेडिय़ा ‘अल्फा’ चकमा देकर निकल गया। सोमवार को ग्रामीणों व वन विभाग के कर्मियों ने सरदार के पकड़ में न आने से हमले तेज होने की संभावना जताई और यही हुआ भी। मंगलवार की रात भेडि़ए ने हरदी थाना के गड़रियन पुरवा व खैरीघाट थाना के महजिदिया गांव में दो बालिकाओं को घायल कर दिया।
यूं कहिए कि ग्रामीणों की मुस्तैदी से उनकी जान बच गई। दोनों गांवों के बीच की दूरी तकरीबन आठ किलोमीटर है। ग्रामीणों का कहना है कि एक से अधिक संख्या में भेडि़ए अभी भी मौजूद हैं। फिलहाल हमले के बाद ग्रामीणों में एक बार फिर दहशत बढ़ गई है। पांचवे भेडि़ए के पकड़े जाने के बाद उत्साह से लबरेज वन विभाग ने अंतिम बचे ‘सरदार’ को पकडऩे के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
25 टीमें गन्ने के खेतों को खंगाल रही हैं। बुधवार को हरिबक्श पुरवा दरहिया, मैकूपुरवा, पचदेवरी, भवानीपुर समेत आसपास के गांवों में ड्रोन से सर्च अभियान चलाया, लेकिन भेडि़ए की लोकेशन नहीं मिली। डीएफओ अजीत प्रताप सिंह का कहना है कि साथी के बिछडऩे से भेडिय़ा अधिक आक्रामक हो जाता है। भेडि़ए को जल्द पकड़ लिया जाएगा।वन विभाग का कहना है कि कुनबे का आखिरी खूंखार भेडिय़ा पकड़ा जाना शेष है। क्षेत्रीय वनाधिकारी मोहम्मद शाकिब ने बताया कि कछार में अधिक संख्या में भेडि़ए का होना सामान्य बात है।
हमले करने वाला छठा भेडिय़ा ही है। उन्होंने बताया कि भेडिय़ा रात में 15 से 20 किलोमीटर की दूरी तक शिकार कर वापस अपने परिवार के बीच लौट आता है।

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