बालोद / छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बुधवार देर रात ‘लाल सलाम’ के नाम पर घर में घुस कर लूट परिवार को लूट लिया गया। घर में घुसे बदमाशों ने खुद को नक्सली बताया और सोने-चांदी के गहने और नगदी सहित करीब 20 हजार की लूट कर भाग निकले। जाते-जाते बदमाश 10 अगस्त को आने की फिर धमकी दे गए। इसके बाद से परिवार दहशत में है। वारदात डौंडी थाना क्षेत्र की है। खास बात यह है कि 30 दिन पहले ही जिले को नक्सल मुक्त घोषित किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, जिले के दूरस्थ क्षेत्र के काकड़कसा निवासी जागेश्वर गोंड बुधवार देर रात परिवार के साथ खाना खाने के बाद सो रहा था। इसी दौरान रात करीब 2 बजे तीन लोग पहुंचे और दरवाजा खटखटाया। आवाज सुनकर जागेश्वर ने दरवाजा खोला तो तीनों लाल सलाम बोलते हुए घर में घुस आए। उनमें से एक के पास भरमार बंदूक जैसा हथियार था। बदमाशों ने पीने के लिए पानी मांगा और फिर मोबाइल सहित गहने, नगदी लूट कर भाग निकले।

परिवार को धमकी देकर गए कथित नक्सली
जागेश्वर गोंड मजदूरी करता है और अपनी बीबी व बेटा-बहू के साथ गांव में रहता है। परिवार के सभी लोग दहशत में हैं। जाते हुए बदमाशों ने 10 अगस्त को फिर से आने की धमकी दी है। इसके बाद डरा-सहमा परिवार पहले तो चुप रहा, फिर अगले दिन पुलिस को घटना की सूचना दी है। वहीं इस लूट की घटना में नक्सलियों का नाम आने के बाद से ग्रामीणों में भी दहशत है। कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हो रहा है।

पुलिस बोली- नक्सली नहीं, शरारती तत्व

वहीं पुलिस इस वारदात में नक्सलियों के होने की बात से इनकार कर रही है। उसका कहना है कि शरारती तत्वों और बदमाशों ने नक्सलियों के नाम पर वारदात को अंजाम दिया है। जांच अधिकारी अरविंद साहू ने बताया कि मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर किया गया है। मामला काफी गंभीर है, इस लिए सभी तरह की छानबीन की जा रही है। साथ ही यह भी पता किया जा रहा है, कि आखिर इस घटना के पीछे कौन लोग शामिल हैं।

1 जुलाई 2021 को नक्सल मुक्त हुआ है जिला
बालोद जिले को 1 जुलाई 2021 को SRC (सिक्योरिटी रिलेटेड ऐक्सपैंडीचर) की सूची से अलग किया गया था। इसका मतलब होता कि बालोद जिला अब नक्सल प्रभावित नहीं रहा। यह आदेश पुलिस मुख्यालय रायपुर से जारी किया गया था। वहीं मुंगेली को नक्सल प्रभावित सूची में शामिल किया गया है।