कोरबा। मौत के दूसरे दिन एक मृतक का शव पुलिस ने उसके घर पहुंचकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम की कार्यवाही पूरी कराई। यह पता चलने पर कि संबंधित की मौत कथित रूप से जड़ी-बूटी खाने के कारण हुई है। प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
मोतीसागर पारा में रहने वाले शिव प्रसाद और उसके भाई सीधराम पटेल ने शारीरिक दुर्बलता का उपचार कराने के लिए किसी योग्य डॉक्टर के बजाय रोड छाप वैद्य की सेवा ली। खबर के अनुसार वहां से काफी रुपए खर्च कर सफेद मूसली खरीदी और बिना परामर्श के सेवन कर लिया। कुछ देर के बाद दोनों की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने इस हाल में उन्हें देखा और जानकारी लेने के बाद अस्पताल पहुंचाया। वहां शिव प्रसाद को मृत घोषित कर दिया गया जबकि दूसरे का उपचार जारी रखा गया है। संबंधित लोगों ने मृत युवक को सीधे घर ले आया था और आज यूं ही अंतिम संस्कार कराने की योजना में थे। इस बीच मीडिया में आई खबरों से पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने मोतीसागर पारा पहुंचकर मृतक का शव अपने कब्जे में लिया और दुरपा रोड स्थित चीरघर पहुंची। आज सुबह मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया और इसके बाद परिजनों को सौंप दिया गया ताकि वे अगली प्रक्रिया पूरी कर सके। बताया गया कि इस मामले में अपराध दर्ज किया गया है।
नहीं की जा रही कार्रवाई
आमतौर पर अभियान चलाकर झोलाछाप चिकित्सकों पर स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करता है। प्रशासन की निगरानी में इसे अंजाम दिया जाता है। लंबे समय तक ऐसे क्लीनिक सील पहले भी सील कर दिए गए और बाद में जोड़-तोड़कर इन्हें बहाल कर दिया गया। इन सबके उल्टे कोरबा नगर और आसपास के इलाके में सड़क के किनारे हिमालय और संजीवनी के नाम से दवाखाने चल रहे हैं। इनमें हर तरह की बीमारी के इलाज की गारंटी का दावा वर्षों के अनुभवी लोग करते हैं। आश्चर्य की बात है कि प्रशासन का ध्यान ऐसे दवाखानों पर आखिर क्यों नहीं जा रहा है।

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