कोरिया। कलेक्टर एसएन राठौर के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ तूलिका प्रजापति के सहयोग से जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अन्तर्गत गठित महिला स्व सहायता समूहों के द्वारा हस्त निर्मित उत्पादों का बाजार लगाया जा रहा है। बैकुण्ठपुर स्थित जिला सत्र न्यायालय के नजदीक यह बाजार बिहान बाजार के नाम से राज्य स्थापना दिवस से प्रारंभ हुआ है। अन्य विकासखंडों में भी समूहों के द्वारा हस्त निर्मित उत्पादों का विक्रय किया जा रहा है। इस बाजार में महिलाएं गोबर से बने रंग-बिरंगे दिए व टेराकोटा की कलाकृतियों के साथ ही बांस से बने एवं अन्य हस्त निर्मित उत्पाद भी विक्रय कर रही हैं। इस तरह स्थानीय स्तर पर महिलाओं को ना सिर्फ स्वरोजगार मिल रहा है बल्कि वे आर्थिक तौर पर सशक्त और आत्मनिर्भर भी हो रही हैं।
गौरतलब है कि स्व सहायता समूहों एवं स्थानीय शिल्पियों को आर्थिक मजबूती देने एवं पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए गोबर, मिट्टी, बांस आदि से बने सामग्रियों के उपयोग हेतु अपील की जा रही है। इसी क्रम में संसदीय सचिव व बैकुंठपुर विधायक श्रीमती अम्बिका सिंहदेव ने बैकुण्ठपुर में लगाये जा रहे बिहान बाजार में पहुंचकर महिलाओं को प्रोत्साहित किया। कलेक्टर एसएन राठौर और सीइओ जिला पंचायत श्रीमती तूलिका प्रजापति बिहान बाजार पहुंचे और बिहान योजना से जुड़ी महिलाओं का हौसला बढ़ाया। बैकुंठपुर में जिला एवं सत्र न्यायालय के पास ही समूह की महिलाओं ने अपना बाजार लगाया है।
जिला एनआरएलएम बिहान के जिला मिशन प्रबन्धक ने बताया कि कोविड महामारी से लडऩे के लिए मास्क, सेनिटाईजर, हैण्डवाश, हर्बल फिनाईल एवं हैण्ड मेड साबुन, गोबर एवं मिट्टी के आकर्षक दिये सहित अन्य उत्पाद भी समूह द्वारा बनाये गए हैं। जिला सत्र न्यायालय के बाजू में राजवाड़े होटल के सामने बैकुण्ठपुर में निर्मित यह बाजार बिहान बाजार के नाम से राज्य स्थापना दिवस से प्रारंभ हुआ है और स्थानीय लोगों के रूझान एवं रूचि को देखते हुए 13 नवंबर तक संचालित किया जायेगा। इस अनोखे बाजार में विभिन्न उत्पाद मौजूद हैं, जिसमें टेरा कोटा उत्पाद, बांस निर्मित उत्पाद, गोबर के दिए एवं अन्य उत्पाद के साथ साथ घरेलु उपयोग के सामान जैसे- हर्बल साबुन, हैंडवाश, फिनॉल, हार्पिक, डिटर्जेंट पावडर, डिश वॉश लिक्वीड एवं अन्य उत्पाद शामिल हैं। इतना ही नहीं यहां साज सजावट के सामान जैसे- झुमर, पैरदान, थाल पोस, गुलदस्ता, माईक्रोम से बने उत्पाद एवं अन्य उत्पाद भी मिलते हैं। इस बाजार में दिपावली विशेष के अंतर्गत मुर्ति, अगरबत्ती, डिजाइनर मोमबत्ती, बाती एवं अन्य पूजन सामग्री भी उपलब्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि गोबर से बने इकोफ्रेंडली दिये उपयोग के बाद मिट्टी में आसानी से मिल कर खाद का रूप ले लेते हैं जो गार्डनिंग करने वालों के लिए बहुत ही उपयोगी हैं, दिये जलाने के बाद इसे खाद के रूप में उपयोग किया जा सकता हैं। महिलाओं ने कच्ची मिट्टी से भी आकर्षक दिये बनाए हैं जो उपयोग के तुरंत बाद मिट्टी में आसानी से मिल जाते है।