कोरबा। जिले के कटघोरा वनमंडल के पसान रेंज अंतर्गत अड़सरा क्षेत्र में डेरा डालकर वन विभाग तथा ग्रामीणों के नाक में दम कर देने वाला 21 उत्पाती हाथियों का दल आज तड़के जल्के सर्किल के बीजाडांड पहुंच गया। हाथियों को आज सुबह यहां के जंगल के कक्ष क्रमांक पी-197 में विचरण करते हुए देखा गया। इसकी सूचना ग्रामीणों द्वारा बीट गार्ड एवं वन विभाग के अधिकारियों को दिए जाने पर वन अमला सतर्क हो गया है और गांवों में पहुंचकर मुनादी कराने के साथ ही हाथियों की निगरानी में जुट गया है।
जानकारी के अनुसार हाथियों का यह दल मध्य रात्रि को अड़सरा क्षेत्र से आगे बढऩा शुरू किया और पुटीपखना, सेन्हा के रास्ते जल्के सर्किल के बीजाडांड पहुंच गया। हाथियों ने हालांकि अभी तत्कालिक तौर पर कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है लेकिन इसके उत्पात की संभावना को देखते हुए वन विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की यह कोशिश होगी कि हाथियों का दल बस्ती व रिहायशी क्षेत्रों में प्रवेश न करने पाए, सो इसके लिए रणनीति बनाई जा रही है। इससे पहले यह दल पसान सर्किल के अड़सरा व आसपास के गांवों में कई दिनों तक डेरा डाल रखा था। दिन में विश्राम करने के बाद रात होते ही बस्तियों में पहुंच जाता था और उत्पात शुरू कर देता था। इस दौरान हाथियों द्वारा घरों को तोडऩे के साथ ही फसल व अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जाता था। हाथियों के उत्पात से इस इलाके के लोग काफी परेशन थे। हाथियों के क्षेत्र से अन्यत्र जाने से ग्रामीणों के साथ-साथ यहां के वन स्टाफ ने राहत की सांस ली है। वहीं बीजाडांड क्षेत्र के लोगों व वन अमले की परेशानी बढ़ गई है। उधर केंदई रेंज में 21 हाथी अभी भी मौजूद हैं।
इन हाथियों को आज सुबह कोरबी व कापानवापारा के बीच जंगल में विचरण करते हुए देखा गया। यहां पर भी वन अमला सतर्क हो गया है और हाथियों की लगातार निगरानी करने के साथ ही क्षेत्र में मुनादी कराई जा रही है।