जांजगीर-चाम्पा। चाम्पा के समीपस्थ ग्राम अफरीद की शोखियां इस समय काफी सुर्खियों में है। बीते 21 सितम्बर को कलेक्टर द्वारा गौठान निरीक्षण में आना और काफी अनियमितता से रूबरू हो नाराजगी व्यक्त कर चले जाना। फिर भी यहां के पंचायत में मलाईदारों का गाल बजाना समझ से परे है, सामान्य तौर से यहां के ग्रामीणों का जनजीवन पंचायत के क्रियाकलापों से दूर ही रहता है कोई विशेष उटकापंची नहीं रहता इसी लोचा का अनैतिक लाभ उठाते पंचायत प्रतिनिधि व साझेदार लोग निर्भिकतापूर्वक लाखों रुपए के अफऱा-तफऱी आसानी से कर जाते हैं। हाल ही कि वाक्या के मद्देनजर को नजरंदाज करना भी ग्रामीणजनों के हितों के खिलाफ ही है, उल्लेख करना लाजिमी है। ग्राम पंचायत की बैठक विगत 11 सितम्बर को विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए लगभग 29 लाख रूपए का भुगतान बाबत आहरण प्रस्ताव पंचों के विरोध के चलते पारित नहीं हो पाया।