
नईदिल्ली, २२ फरवरी । देश में बड़े पैमाने पर मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग की सफलता से उत्साहित सरकार एक भारतीय मोबाइल फोन ब्रांड विकसित करने पर काम कर रही है। दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इंडस एप स्टोर लांच के मौके पर कहा, हम देश में संपूर्ण हैंडसेट इकोसिस्टम बनाने पर काम कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग की हमारी शुरुआती सफलता ने हमें अच्छी सीख दी है। इसने उद्योग को आत्मविश्वास देने के साथ ही पारिस्थितिकी तंत्र भागीदारों को भारत आने के लिए प्रोत्साहन दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जल्द 2-3 सेमीकंडक्टर प्लांटों को मंजूरी दे सकती है। स्वेदशी रूप से विकसित इंडस एप स्टोर को फोनपे ने अधिग्रहित कर लिया है। इंडस एपस्टोर में 45 श्रेणियों में 2 लाख से अधिक मोबाइल एप और गेम हैं। इन एप को यूजर्स 12 भारतीय भाषाओं में आसानी से खोज पाएंगे। फोनपे के सीईओ और संस्थापक समीर निगम ने कहा कि कंपनी इसे हैंडसेट पर प्री-लोड करने के लिए मोबाइल फोन निर्माता कंपनियों से बात कर रही है।निगम ने कहा कि गूगल के प्लेस्टोर या एपल के एप स्टोर के विपरीत किसी भी एप को अपनी कमाई पर इंडस एपस्टोर को कमीशन नहीं देना होगा। साथ ही एक अप्रैल, 2025 तक किसी तरह का एप स्टोर लिस्टिंग शुल्क भी नहीं लगेगा।निगम ने कहा, देश के कानून के तहत जो कुछ भी संचालित करने की अनुमति है, उसे इंडस एपस्टोर पर अपलोड करने की अनुमति दी जाएगी। अगर हम कोई एप हटाते हैं, तो हम एप हटाने का कारण साझा करेंगे।























