जांजगीर-चांपा। विधायक नारायण चंदेल ने देश में 34 साल बाद नई शिक्षा नीति 2020 की जो घोषण का स्वागत करते हुए नई शिक्षा नीति से शिक्षा को रोजगारोनमुखी बनाने की ओर एक सार्थक प्रयास वाला कदम साबित होने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस नई शिक्षा नीति से सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि छात्र-छात्राओं को उनके रूचि के अनुरूप शिक्षा ग्रहण करने में असानी होगी ताकि उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं का निखार हो सके।
विधायक चंदेल ने हम सब लोग गुलामी की मानसिकता से उबर नहीं पा रहे थे, शिक्षा बहुत महंगी थी तथा पुरानी शिक्षा पद्धति के माध्यम से समाज व देश में निरंतर बेरोजगारी बढ़ रही थी। 34 साल बाद देश नई शिक्षा नीति लागू करते हुए मावन संसाधन विकास मंत्रालय को शिक्षा मंत्रालय के रूप में तब्दील कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि इस शिक्षा नीति से देश के नवजवानों को अपना भविष्य सवारने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा। नई शिक्षा नीति से आगामी 2030 तक 3 से 18 वर्ष आयु के हर बच्चे को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कक्षा 6वीं से वोकेशनल पाठ्यक्रम की शुरूआत होगी, 6वीं कक्षा के बाद इंटरशीप कोर्स का प्रावधान होगा, नई शिक्षा नीति का मंच मैजूदा पाठ्यक्रम के अलावा अन्य क्षेत्रों की प्रतिभाओं जैसे -गायनकला, म्यूजिक कला का भी अवसर प्रदान होगा इन्हे पाठ्यक्रमों में शामिल किया जायेगा। इस शिक्षा नीति में उच्च शिक्षा के लिये बेहतर प्रावधानों को शामिल किये गये है। लॉ और मेडिकल के क्षेत्रों की नई शिक्षा को छोडक़र यूजीसी, और एआईसीटीई के प्रावधानों को समाप्त करते हुये उच्च शिक्षा के लिए नेशनल हायर एजुकेशन लेगुरेटरी अर्थोरिटी का गठन किया जाएगा जो इस शिक्षा व्यवस्था में मिल का पत्थर साबित होगा। उच्च शिक्षा में पहली बार मल्टीपल एन्ट्री और एक्जिट सिस्टम द्याामिल किया गया है। इस सिस्टम में 1 साल के बाद सर्टिफिकेट, 2 साल के बाद डिप्लोमा व 3-4 साल के बाद डिग्री अवश्य मिलेगी। बीच में पढ़ाई छोडऩे वाले छात्रों को भी इसमें लाभ होगा। विधायक चंदेल ने नई शिक्षा नीति का स्वागत करते हुए कहा है कि इसमें राष्ट्र निर्माण की अवधारणा व स्वर्णिम भारत बनाने की दिशा में एक सार्थक व सबल प्रसास होगा। नई शिक्षा नीति के तहत 2030 तक देश के 100 प्रतिशत बच्चों के स्कूली शिक्षा में नामांकन कराने का लक्ष्य रखा गया है। इस नीति में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में अब हर 5 वर्ष में समीक्षा की जाएगी। नई शिक्षा नीति के अनुसार उन विषयों का खुद चुनाव कर सकेंगे जिनके लिये वे बोर्ड परीक्षा देना चाहते है। विधायक नारायण चंदेल ने देश में लागू होने वाले नई शिक्षा नीति 2020 का स्वागत करते हुए नई शिक्षा नीति लागू करने के लिये भारत सरकार के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इसे नये व आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ता हुआ कदम बताया है तथा देश के इतिहास में एक क्रांतिकारी परिवर्तन व बड़ा बदलाव बताते हुए कहा कि चलों जलाये दीप वहां, जहां अभी भी अंधेरा है।