छत्तीसगढ़ के राजिम में 28 सितंबर को प्रस्तावित किसान महापंचायत का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समर्थन किया है। उन्होंने कहा- किसान नेता यहां आ रहे हैं, उनका स्वागत है। अगर वे लोग समर्थन मांगते हैं तो निश्चित रूप से समर्थन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री दुर्ग के उतई रवाना होने से पहले रायपुर में मीडिया से बात कर रहे थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- दिल्ली में जो आंदोलन चल रहा था, उसको सबसे पहले हमारे राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी ने शुरू किया। पंजाब और हरियाणा में उन्होंने ट्रैक्टर से यात्राएं की। प्रियंका गांधी ने भी लगातार उत्तर प्रदेश और राजस्थान में किसान महापंचायत की। किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने देशव्यापी आंदोलन खड़ा किया है। किसान नेता छत्तीसगढ़ में आ रहे हैं तो उनका स्वागत है।

छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ ने भगत सिंह की 125वीं जयंती और मजदूर नेता शंकर गुहा नियोगी की शहादत दिवस पर 28 सितम्बर को किसान महापंचायत का आयोजन किया है। इसमें दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नेताओं में से राकेश टिकैत, डॉ. दर्शनपाल सिंह, योगेंद्र यादव, मेधा पाटकर और डॉ. सुनीलम जैसे किसान नेताओं को बुलाया है। इसको लेकर प्रदेश की किसान राजनीति गर्म है।

10 हजार से अधिक किसानों को जुटाने की तैयारी
किसान नेता जागेश्वर जुगनू चंद्राकर ने बताया था, किसान महापंचायत के लिए सभी सहयोगी संगठन जोर लगा रहे हैं। उन लोगों ने अभी तक आसपास के 100 से अधिक गांवों में बैठक कर ली है। किसान नेताओं का कहना है, इस महापंचायत में 10 हजार से अधिक किसानों की भीड़ जुट सकती है।

आयोजकों ने बैठक कर तय की रणनीति
किसान महापंचायत के आयोजक मंडल में शामिल तेजराम विद्रोही, गौतम बंद्योपाध्याय, पारसनाथ चंद्राकर, जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, शत्रुघ्न साहू जैसे नेताओं ने सोमवार को रायपुर में बैठक की। इस दौरान पंचायत के आयोजन से जुड़ी रणनीति पर चर्चा हुई। किसान नेताओं ने बताया, राजिम मंडी परिसर में तैयारी शुरू कर दिया गया है।