जांजगीर-चांपा। जिले में दमाऊ पहाड़ की तराई में बसे हुए गांव बरपालीकला के रहने वाले फुलेशराम ने अपने खेत में मनरेगा से डबरी बनवाकर अपनी आय में वृद्घि की है। डबरी में एकत्र हुई बारिश के पानी से उनके जमीन में नमी बनी रहती है और धान की फसल बेहतर होने लगा है। डबरी से मिले फायदे से फुलेशराम इतने उत्साहित हैं कि उन्होंने इसके इर्द-गिर्द ही अपने भविष्य की योजनाओं का ताना-बाना बुन लिया है। वे धान की फसल के साथ ही मछलीपालन और सब्जी-भाजी उत्पादन कर रहे हैं।
उनके पास 5 एकड़ जमीन है, जिस पर वे वर्षों से खेती-किसानी करते आ रहे हैं। लेकिन जल संचय या जल स्त्रोतों के अभाव में एक ही फसल ले पा रहे थे। रोजगार सहायक ने परामर्श दिया कि मनरेगा के माध्यम से खेती हर किसानों की जमीन पर डबरी और कुआं निर्माण जैसे जल संसाधनों का निर्माण किया जा सकता है। निर्माण के दौरान हितग्राही को उसमें मजदूरी करने का अवसर भी मिलता है। फुलेशराम ने खेत में डबरी बनाने के लिए ग्राम पंचायत में आवेदन जमा किया। पात्रता के आधार पर खेत में निजी डबरी निर्माण के लिए 2.99 लाख रूपए की मंजूरी मिल गई। वहाँ डबरी खुदाई का काम 4 दिसंबर 2020 को शुरू हो गया। मनरेगा श्रमिकों के साथ ही उन्होंने भी डबरी की खुदाई मेंकाम किया। मेहनत सफल हुई और फुलेशराम के खेत में डबरी का निर्माण 20 फरवरी 2021 को पूरा हो गया। इस कार्य में गांव के ही 91 परिवारों को 1 हजार 452 मानव दिवस रोजगार मिला। जिसके लिए 2 लाख 75 हजार 880 रूपए की मजदूरी का भुगतान किया गया। फुलेशराम के परिवार को भी इसमें रोजगार मिला और उन्हें इसके लिए 19 हजार 380 रूपए की मजदूरी भी प्राप्त हुई। फुलेशराम ने डबरी के आसपास की जमीन पर टमाटर, मिर्च, धनिया, बरबट्टी आदि सब्जियां भी लगाई हैं, जो उनके परिवार के प्रतिदिन के भोजन की जरूरतों को पूरा कर रही हैं। इसके अलावा बारिश के बाद जब डबरी में पर्याप्त पानी भर गया था, तो उन्होंने मछली पालन के उद्देश्य से उसमें 5 किलोग्राम मछली बीज डाला था, जो आने वाले दिनों में उनकी अतिरिक्त आय होगी।

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