कोरबा। यहां के जिला अस्पताल, पीएचसी सहित विभिन्न क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। कोरोना कालखंड से शुरू हुआ यह सिलसिला अब भी जारी है। बताया गया कि चिकित्सालय के बाह्यरोगी विभाग में पंजीकरण के आंकड़ें बीते वर्षों की तुलना में बढ़ें है। एक बात गौर करने वाली है कि हर तरह के मरीजों ने अपनी उपस्थिति सरकारी अस्पतालों में तय की है। फीडबैक लेने पर पता चल रहा है। इन अस्पतालों का स्तर कई मामलों में बेहतर है। दवाओं से लेकर जांच और परामर्श की सुविधा काफी अच्छी है। दूसरी बात यह है कि केवल 5 रूपए का शुल्क जीवनदीप समिति को देने पर लोगों को उनके मर्ज के मामले में अपेक्षा से कही ज्यादा सुविधा यहां मिल रही है। लोग यह भी मानते हैं कि कुछ घंटे निकालने के साथ उनकी जेब ढीली होने से बच रही है। कोरोना कालखंड में आर्थिक समस्याएं लोगों के सामने है। इसलिए वे नहीं चाहते हैं कि निजी क्लिनिक में पहुंचकर वे मोटी फीस अदा करें और नुकसान सहे।
*कोरबा। शिवालयों में सामान्य पूजापाठ का क्रम आज सावन के पहले सोमवार को दिखा। गिनती के श्रद्धालु यहां पहुंचे थे। पहले से नियम-कानून के पचड़े ने उन्हें परेशान कर दिया था।